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क्या आप भी चाहते हैं घर में सुख-समृद्धि? मुख्य द्वार पर लगाएं पीतल की घंटी, बढ़ेगी सकारात्मकता

Published: Fri, 03 Jul 2026 05:45 PM (GMT+05:30)

घर के मुख्य द्वार पर पीतल की घंटी लगाने से नकारात्मक ऊर्जा कम होती है और सकारात्मकता बढ़ती है। यह ...और पढ़ें

घर में लगाएं पीतल की घंटी (Picture Credit- AI)

घर में लगाएं पीतल की घंटी (Picture Credit- AI)

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समय कम है?

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संक्षेप में पढ़ें

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। घर में नकारात्मक ऊर्जा को कम करने और सकारात्मकता को बढ़ाने के लिए हम अलग-अलग चीजों का ध्यान रखते हैं। दिशा और समय का ध्यान रखना भी सबसे ज्यादा जरूरी होता है। खासकर मुख्य द्वार यहीं से घर में ऊर्जा का प्रवेश होता है। इसे बेहतर बनाने के लिए आप घर के मुख्य द्वार पर पीतल की घंटी को लगा सकते हैं। इसकी ऊर्जा से आपके घर का वातावरण शुद्ध बना रहता है।

पीतल की घंटी का क्या महत्व है?

पीतल को शुभ धातु में माना जाता है। यह धातु सात्विक ऊर्जा और शुद्धता का प्रतीक मानी जाता है। वास्तु के अनुसार, घर के प्रवेश द्वार पर पीतल की घंटी लगाने के कई सारे अलग-अलग मुख्य कारण होते हैं, जैसे नकारात्मक ऊर्जा को कम करना है, घर की रुकावटें दूर करना आदि, घंटी की आवाज एक अलग तरह की कंपन को पैदा करती है, जिससे आसपास का माहौल बेहतर होता है। साथ ही के बाहर लगी घंटी को बजाने से व्यक्ति में पॉजिटिव एनर्जी आती है।

पीतल की घंटी कैसे और किस दिशा में लगाएं?

  • घर के मुख्य द्वार पर अगर आप घंटी लगा रहे हैं, तो दाईं दिशा का चयन करें। यह दिशा शुभ और सकारात्मक मानी जाती है।
  • घंटी को ज्यादा बड़ी न लगाएं। इसे छोटा लगाएं। ध्वनि उतनी ही मधुर आती है।
  • घर के बाहर लगी घंटी को साफ रखें, ताकि यह चमकती नजर आए।
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घंटी लगाने के लाभ क्या हैं?

  • मुख्य द्वार पर पीतल की घंटी लगाने से घर के सदस्यों का मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहता है।
  • घर में शांति बनाने के लिए पीतल की घंटी अच्छी होती है।
  • आप जब घर में दिनभर की थकान के बाद वापस आते हैं, तो इसकी आवाज आपको मानसिक शांति पहुंचाती है।
  • यह आपके घर के अंदर नकारात्मक ऊर्जा का वास नहीं होने देती है।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।

Image credit- AI