शुक्रवार और पूर्णिमा के दिन न कुचलें सड़क पर पड़ी ये चीजें, शास्त्रों में दी गई है चेतावनी
सड़क पर चलते समय कुछ विशेष वस्तुओं पर पैर रखने से बचना चाहिए, खासकर शुक्रवार और पूर्णिमा को, क्योंकि इन्हें मां लक्ष्मी से जुड़ा माना जाता है।


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हमारे घर के बड़े-बुजुर्ग अक्सर हमें सड़क पर चलते समय सावधानी बरतने की सलाह देते हैं। ऐसे में उनका मतलब सिर्फ रोड पर चलने वाली गाड़ियों से सावधान रहना ही नहीं है, बल्कि जमीन पर पड़ी कुछ ऐसी चीजों से भी है जिस पर पैर रखना अक्सर अशुभ माना जाता है।
यह सलाह खासतौर से शुक्रवार और पूर्णिमा के दिन और भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाती है। ज्योतिष और हिंदू शास्त्रों में कुछ वस्तुओं को सीधा संबंध मां लक्ष्मी से जुड़ा माना जाता है। ऐसे में अगर आप गलती से भी उन चीजों पर पैर रख देते हैं, तो इससे व्यक्तिगत जीवन में कई तरह के नकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकते हैं।
पीली वस्तुएं
हिंदू धर्म में पीला रंग मां लक्ष्मी और बृहस्पति ग्रह से जुड़ा माना जाता है। ऐसे में अगर आपको सड़क पर पीले फूल, हल्दी पाउडर या नींबू- मिर्च गिरा दिखे तो उस पर पैर न रखें। ऐसा माना जाता है कि, इससे गुरु का अनादर होता है और मां लक्ष्मी भी असंतुष्ट हो जाती हैं। इसके बजाए आप उस दूरी बनाकर निकल जाए।
चावल, कौड़ी के खोल और सिक्के
सड़क पर आमतौर पर पूजा के बाद पवित्र चावल, कौड़ी या सिक्के जैसी चीजें पड़ी मिल जाती हैं। इन्हें देवी लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। शास्त्रों में साफ-साफ लिखा है कि, इन वस्तुओं पर पैर रखने से मां लक्ष्मी द्वारा दिए गए धन का अनादर होता है।
इससे जीवन में आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए अगर सड़क पर सिक्का गिरा दिख जाए तो उसे साफ करके किसी जरूरतमंद या मंदिर में दान कर देना चाहिए।
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नारियल और सिंदूर
हिंदू धर्म में नारियल को शुभता का प्रतीक माना जाता है, जबकि सिंदूर का संबंध मां लक्ष्मी और मां दुर्गा से जुड़ा होता है। यदि आपको ये वस्तुएं सड़क पर गिरी दिख जाए तो उस पर पैर रखने से बचना चाहिए।
ऐसा माना जाता है कि, पवित्र नारियल का अनादर करने से परिवार में कलह उत्पन्न होती है। इसके अलावा टूटा हुआ नारियल नकारात्मक ऊर्जा का वाहक भी होता है।
शास्त्रों में साफ-साफ कहा गया है कि, सड़क पर पड़ी किसी भी शुभ वस्तु का अनादर करने से बचना चाहिए। अगर संभव हो, तो उसे उठाकर किसी साफ जगह पर रख देना चाहिए। वही संभव नहीं हो,तो मन ही मन मां लक्ष्मी से माफी मांगे और आगे बढ़ जाएं। इसे कई लोग अंधविश्वास और आस्था दोनों मान सकते हैं, ये व्यक्तिगत राय पर निर्भर करता है। लेकिन बड़ों की सलाह मानने में कोई दोष नहीं है।
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