यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 18, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Ashwin Month 2024: आश्विन माह के इन उपायों से जीवन के दुखों को करें दूर, प्राप्त होगी मां दुर्गा की कृपा
आश्विन माह को पितरों और मां दुर्गा की उपासना करने के लिए शुभ माना जाता है। पंचांग के अनुसार आश्विन ...और पढ़ें

HighLights
- भाद्रपद माह के बाद आश्विन आता है।
- यह महीना पितरों और मां दुर्गा को समर्पित है।
- शारदीय नवरात्र में मां दुर्गा की विशेष पूजा होती है।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन धर्म में सभी माह का विशेष महत्व है। इसी तरह आश्विन माह को महत्वपूर्ण माना जाता है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, सातवें महीने को आश्विन माह के नाम से जाना जाता है। इस महीने में पितृ पक्ष और शारदीय नवरात्र समेत कई खास पर्व मनाए जाते हैं। ऐसे में आप विशेष उपायों (Ashwin Month 2024 Upay) के द्वारा जीवन के दुखों को दूर कर सकते हैं। इस लेख में दिए उपायों को करने से जातक का जीवन खुशहाल ( Life Improvement Tips) होता है।
जल्द बनेंगे विवाह के योग
अगर आप शादी में किसी तरह की रुकावट का सामना कर रहे हैं, तो शारदीय नवरात्र में रोजाना विधिपूर्वक मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करें और फल, मिठाई समेत आदि चीजों का भोग लगाएं। साथ ही शीघ्र विवाह की कामना करें। मान्यता के अनुसार, इस उपाय को करने से विवाह में आ रही बाधा दूर होती है और मां दुर्गा (Maa Durga Blessings) की कृपा प्राप्त होती है।
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धन संबंधी परेशानी होगी दूर
इसके अलावा धन संबंधी की परेशानी को दूर करने के लिए शारदीय नवरात्र में फिटकरी का किया गया उपाय जातक के लिए बहुत फलदायी साबित होता है। नवरात्र में फिटकरी को लाल कपड़े में बांधकर घर के मेन गेट पर लटका दें। इस टोटके को करने से आर्थिक तंगी से दूर होती है और धन लाभ के योग बनते हैं।
पितरों को होगी मोक्ष की प्राप्ति
पितृ पक्ष को पूर्वजों को प्रसन्न करने के लिए उत्तम माना जाता है। श्राद्ध में प्रत्येक दिन पीपल के पेड़ की पूजा-अर्चना करें और दूध, अक्षत एवं काले तिल अर्पित करें। इस दौरान हाथ जोड़कर पितरों को मोक्ष की प्राप्ति के लिए प्रार्थना करें। इस टोटके के जरिए पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है और जातक को उनका (पितृ) आशीर्वाद प्राप्त होता है।
जीवन होगा खुशहाल
इसके अलावा पितृ पक्ष में पितरों का विधिपूर्वक तर्पण करें। इसके बाद क्षमता अनुसार गरीब लोगों में अन्न, धन, वस्त्र, काले तिल, जल और दही का दान करें। पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए पिंडदान करें। साथ ही कुत्ते, कौवे और पितरों के लिए भोग निकालें। इस उपाय को करने से पितरों की कृपा से जातक का जीवन खुशहाल होता है।
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।
