आषाढ़ अमावस्या के दिन करें ये 4 उपाय, पितृ दोष होंगे दूर और पूर्वज होंगे प्रसन्न
आषाढ़ अमावस्या पर पितृ दोष दूर करने और पूर्वजों को प्रसन्न करने के लिए चार विशेष उपाय बताए गए हैं। ...और पढ़ें

आषाढ़ अमावस्या पर करें ये प्रभावी उपाय पितृ दोष से पाएं मुक्ति (Picture Credit: AI Generated)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में किसी भी अमावस्या को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है और पूरे साल में 12 अमावस्या तिथियां पड़ती हैं। सभी तिथियों में से आषाढ़ अमावस्या को विशेष माना जाता है।
इस अमावस्या तिथि को पूर्वजों के निमित्त तर्पण करने के लिए भी अत्यंत शुभ माना जाता है और यदि किसी व्यक्ति के घर में पितृ दोष है तो यह दिन ऐसे दोष दूर करने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
इस साल आषाढ़ महीने की अमावस्या तिथि 14 जुलाई, मंगलवार के दिन पड़ रही है और यदि आप इस दिन कुछ विशेष उपाय आजमाएंगे और पितरों के लिए कुछ विशेष काम करेंगे तो आपके जीवन के सभी पितृ दोष दूर हो सकते हैं और पूर्वजों की आत्मा को शांति भी मिल सकती है। आइए जानें आषाढ़ अमावस्या के उपायों के बारे में।
ब्रह्म मुहूर्त में उठें और सूर्य को अर्घ्य दें
आषाढ़ अमावस्या के दिन आपको ब्रह्म मुहूर्त में उठना चाहिए और स्नान आदि से मुक्त होकर सूर्य देव को जल देना चाहिए। आप एक तांबे के लोटे में थोड़े से काले तिल डालें और एक चुटकी सिंदूर या रोली डालकर जल अर्पित करें।
सूर्य को जल देते समय 'ओम नमः शिवाय' मंत्र का जाप करें। इस उपाय से आपके जीवन में सूर्य देव की कृपा भी बनी रहेगी और पूर्वजों की नाराजगी दूर होगी।
दक्षिण दिशा की तरफ मुंह करके पूर्वजों के नाम का तर्पण करें
किसी भी अमावस्या तिथि के दिन पूर्वजों के लिए किया गया तर्पण विशेष रूप से फलदायी माना जाता है। आप आषाढ़ अमावस्या के दिन एक लोटे में जल लेकर उसमें एक चुटकी काले तिल मिलाएं और दक्षिण दिशा की तरफ मुंह करके पितरों के नाम से तर्पण करें। ऐसा करने से पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलेगी और घर के पितृ दोष दूर होंगे।
पीपल के पेड़ में शाम के समय दीपक जलाएं
पीपल के पेड़ में पितरों का वास माना जाता है। इसलिए आप आषाढ़ अमावस्या के दिन यदि शाम के समय पीपल के पेड़ के पास सरसों के तेल का दीपक जलाएं और पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करें तो आपको पितृ दोषों से मुक्ति मिल सकती है और पूर्वजों का आशीर्वाद बना रहेगा।
सामर्थ्य अनुसार जरूरतमंदों को दान करें
आषाढ़ अमावस्या के दिन यदि आप अपनी सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंदों को वस्त्र और अन्न का दान करेंगे तो आपको शुभ फलों की प्राप्ति होगी और पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलेगी। इस उपाय से पितृ दोषों को दूर करने में मदद मिल सकती है।
अगर आप भी आषाढ़ अमावस्या के दिन यहां बताए उपाय आजमाएंगे तो आपके जीवन से सभी पितृ दोष दूर हो सकते हैं और पूर्वजों का आशीर्वाद भी बना रहेगा।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।
