श्रीनगर, जागरण न्यूज नेटवर्क। मौसम के बिगड़े मिजाज के चलते रविवार को स्थगित रही श्री अमरनाथ यात्रा सोमवार को नुनवन व बालटाल से फिर से बहाल हो गई। दोनों मार्गों से बूंदाबांदी के बीच 20,534 शिवभक्त पवित्र गुफा की ओर रवाना हुई। अलबत्ता, तड़के जम्मू-श्रीनगर हाईवे बंद रहने से जम्मू से यात्रा दूसरे दिन भी स्थगित रही। इससे करीब छह हजार श्रद्धालु जम्मू में फंसकर रह गए हैं। कुछ यात्रियों को राज्य के प्रवेशद्वार लखनपुर में भी रोका गया है। उम्मीद है कि मंगलवार को हाईवे की स्थिति ठीक रहने पर जम्मू से जत्था यात्रा पर रवाना कर दिया जाएगा।

नुनवन आधार शिविर से सुबह 9647 श्रद्धालु तथा बालटाल से 10412 यात्री बम-बम भोले के जयघोष लगाते हुए पवित्र गुफा की ओर निकले। शाम तक 12,954 श्रद्धालु पवित्र हिमलिंग के दर्शन कर चुके थे। दो जुलाई से शुरू हुई यात्रा से लेकर अब जक डेढ़ लाख से ज्यादा श्रद्धालु अपनी यात्रा पूरी कर अपने घरों को लौट चुके हैं।

36 घंटे बंद रहने के बाद खुला हाईवे

मूसलाधार बारिश तथा भूस्खलन के चलते 36 घंटों तक बंद रहने के बाद जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग सोमवार को यातायात के लिए बहाल हो गया। इस दौरान सबसे पहले हाईवे पर विभिन्न स्थानों पर फंसे श्री अमरनाथ यात्रियों की गाड़ियों सहित करीब 300 वाहनों को अपने-अपने गंतव्य की तरफ रवाना किया गया।

उत्तराखंड में मौसम खुला, चारधाम यात्रा में उत्साह

देहरादून। उत्तराखंड में पिछले तीन दिनों की बारिश के बाद सोमवार को बादलों के हटने पर लोगों ने सुकून की सांस ली। साथ ही चारधाम और हेमकुंड यात्रा में भी उत्साह रहा। बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री यात्रा सुचारु रही। केदारनाथ में 360 यात्रियों ने बाबा केदार के दर्शन किए। वहां के लिए हेलीकॉप्टर सेवा भी सुचारु रही। हेमकुंड के लिए भी करीब 200 यात्रियों का जत्था गोविंदघाट से रवाना हुआ। गंगोत्री राजमार्ग गंगनानी के पास तीन घंटे बाधित रहा, लेकिन इसे जल्द ही खोल दिया गया। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों में राज्य में अनेक स्थानों पर वर्षा हो सकती है।

Posted By: Rajesh Niranjan

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