आज का पंचांग 09 अक्टूबर 2026: पितृ पक्ष की चतुर्दशी पर सूर्य-चंद्रमा की अनोखी युति! भूलकर भी राहुकाल में न करें ये काम
आज 09 अक्टूबर 2026, शुक्रवार को आश्विन कृष्ण चतुर्दशी और पितृ पक्ष का चतुर्दशी श्राद्ध है। इस दिन मां लक्ष्मी ...और पढ़ें

शुक्रवार 09 अक्टूबर 2026 का पंचांग
HighLights
आज आश्विन कृष्ण चतुर्दशी और पितृ पक्ष का श्राद्ध है।
मां लक्ष्मी और शुक्र देव की पूजा से आर्थिक लाभ।
सूर्य और चंद्र दोनों कन्या राशि में, उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र रहेगा।
आनंद सागर पाठक, एस्ट्रोपत्री। आज आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि और दिन शुक्रवार है। इसके अलावा आज पितृ पक्ष का चतुर्दशी श्राद्ध भी है। हिंदू धर्म में शुक्रवार का दिन मां लक्ष्मी, मां संतोषी के अलावा शुक्र ग्रह को समर्पित माना जाता है।
ज्योतिष मान्यताओं के मुताबिक, यदि कोई व्यक्ति आर्थिक परेशानियां या धन से जुड़ी समस्या का सामना कर रहा है, तो उसे आज के दिन खासतौर पर मां लक्ष्मी और शुक्र देव की पूजा करनी चाहिए। ऐसा करने से धन प्राप्ति के मार्ग खुलने के साथ आर्थिक स्थिति बेहतर होती है।
आज सूर्य देव और चंद्र देव दोनों ही कन्या राशि में मौजूद रहने वाले है। आइए जानते हैं आज की तिथि, शुभ-अशुभ योग, सूर्योदय, सूर्यास्त और राहुकाल (Aaj ka Panchang 09 October 2026) का समय समेत आदि जानकारी।
09 अक्टूबर 2026, शुक्रवार का विस्तृत पंचांग
तिथि: कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी – रात्रि 09 बजकर 35 मिनट तक, फिर अमावस्या तिथि
योग: ब्रह्म – रात्रि 11 बजकर 21 मिनट तक, फिर इन्द्र
करण: विष्टि (भद्रा) – प्रातः 09 बजकर 52 मिनट तक
करण: शकुनि – रात्रि 09 बजकर 35 मिनट तक, फिर चतुष्पाद
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय का समय: प्रातः 06 बजकर 18 मिनट पर
सूर्यास्त का समय: सायं 05 बजकर 58 मिनट पर
चंद्रोदय का समय: अगले दिन प्रातः 05 बजकर 53 मिनट (10 अक्टूबर)
चंद्रास्त का समय: सायं 04 बजकर 59 मिनट पर
सूर्य और चंद्रमा की राशियां
सूर्य देव: कन्या राशि में स्थित हैं
चन्द्र देव: कन्या राशि में स्थित हैं
आज के शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11 बजकर 45 मिनट से दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक
अमृत काल: दोपहर 02 बजकर 07 मिनट से दोपहर 03 बजकर 43 मिनट तक
आज के अशुभ समय
राहुकाल: प्रातः 10 बजकर 41 मिनट से दोपहर 12 बजकर 08 मिनट तक
गुलिकाल: प्रातः 07 बजकर 46 मिनट से प्रातः 09 बजकर 13 मिनट तक
यमगण्ड: दोपहर 03 बजकर 03 मिनट से सायं 04 बजकर 31 मिनट तक
आज का नक्षत्र
आज चंद्रदेव उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।
उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र: रात्रि 09 बजकर 19 मिनट तक, फिर हस्त
नक्षत्र स्वामी: सूर्यदेव
राशि स्वामी: सूर्यदेव और बुधदेव
देवता: अर्यमा (मित्रता और एकजुटता के देवता)
प्रतीक: बिस्तर
सामान्य विशेषताएं: विनम्र, मेहनती, बेहतरीन वक्ता, बुद्धिमान, भरोसेमंद दोस्त, मददगार, उदार, ईमानदार, कभी-कभी क्रोधी, समृद्ध और काम के प्रति समर्पित।
यह दैनिक पंचांग Astropatri.com की तरफ से प्रस्तुत किया गया है। सुझाव या प्रतिक्रिया के लिए कृपया hello@astropatri.com पर संपर्क करें।
