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आज का पंचांग 22 अक्टूबर 2026: शतभिषा नक्षत्र में रखा जाएगा पापांकुशा एकादशी व्रत, नोट कर लें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और पारण की टाइमिंग

Published: Thu, 22 Oct 2026 06:00 AM (IST)

आज 22 अक्टूबर 2026 को पापांकुशा एकादशी है, जिसमें आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है। यह पंचांग ...और पढ़ें

पापांकुशा एकादशी 2026 पर गुरुवार का पंचांग

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आनंद सागर पाठक, एस्ट्रोपत्री। हिंदू पंचांग के हिसाब से आज यानी 22 अक्टूबर 2026, गुरुवार को आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है। आज पापांकुशा एकादशी भी है। आज सूर्यदेव तुला राशि में स्थित हैं, जबकि चंद्र देवता कुंभ राशि में विराजमान हैं। आज शतभिषा नक्षत्र रात 8 बजकर 49 मिनट तक है। 

आइए जानते हैं आज की तिथि, शुभ-अशुभ योग, सूर्योदय, सूर्यास्त और राहुकाल (Aaj ka Panchang 22 October 2026) का समय समेत आदि जानकारी।

पापांकुशा एकादशी 2026

एकादशी तिथि प्रारंभ: 21 अक्टूबर, दोपहर 02 बजकर 11 मिनट तक

एकादशी तिथि समाप्त: 22 अक्टूबर, दोपहर 02 बजकक 47 मिनट तक

व्रत पारण समय (23 अक्टूबर): सुबह 06 बजकर 27 मिनट से 08 बजकर 42 मिनट तक

द्वादशी तिथि समाप्त: 23 अक्टूबर, दोपहर 02 बजकर 35 मिनट तक

एकादशी व्रत के अगले दिन सूर्योदय के बाद व्रत खोलने की पावन प्रक्रिया को पारण कहा जाता है। ध्यान रहे कि द्वादशी तिथि समाप्त होने से पहले ही पारण करना बेहद जरूरी माना गया है। समय पर पारण न करना शास्त्रों के अनुसार उचित नहीं माना जाता है।

विशेष रूप से हरि वासर के दौरान व्रत खोलने से बचना चाहिए। पारण करने से पहले हरि वासर के समाप्त होने का इंतजार करना ही सही रहता है। द्वादशी तिथि का पहला एक-चौथाई समय हरि वासर कहलाता है। उपवास खोलने के लिए प्रातः काल का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है।

दोपहर के समय पारण करने से परहेज करना चाहिए। यदि किसी कारणवश आप सुबह पारण न कर पाएं, तो फिर मध्याह्न के बाद ही पारण करें। यह पावन व्रत जीवन में अनुशासन और संतुलन लाने का एक सुंदर संकेत देता है।

एकादशी तिथि प्रारंभ: 21 अक्टूबर, दोपहर 02 बजकर 11 मिनट

एकादशी तिथि समाप्त: 22 अक्टूबर, दोपहर 02 दोपहर 47 मिनट

व्रत पारण समय (23 अक्टूबर): सुबह 06 बजकर 27 मिनट से 08 बजकर 42 मिनट तक

द्वादशी तिथि समाप्त: 23 अक्टूबर, दोपहर 02:35 बजे

तिथि: शुक्ल पक्ष की एकादशी – दोपहर 02 बजकर 47 मिनट तक, फिर द्वादशी तिथि

योग: वृद्धि – रात्रि 11 बजकर 40 मिनट तक, फिर ध्रुव

करण: विष्टि (भद्रा) – दोपहर 02 बजकर 47 मिनट तक

करण: बव – अगले दिन तड़के 02 बजकर 47 मिनट (23 अक्टूबर) तक, फिर बालव

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति

सूर्योदय का समय: प्रातः 06 बजकर 26 मिनट तक

सूर्यास्त का समय: सायं 05 बजकर 45 मिनट तक

चंद्रोदय का समय: दोपहर 03 बजकर 25 मिनट तक

चंद्रास्त का समय: अगले दिन तड़के 03 बजकर 17 मिनट तक (23 अक्टूबर)

सूर्य और चंद्रमा की राशियां

सूर्य देव: तुला राशि में स्थित हैं

चन्द्र देव: कुंभ राशि में स्थित हैं

आज के शुभ मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11 बजकर 43 मिनट से दोपहर 12 बजकर 28 बजे तक

अमृत काल: दोपहर 01 बजकर 18 मिनट से दोपहर 02 बजकर 58 मिनट तक

आज के अशुभ समय

राहुकाल: दोपहर 01 बजकर 30 मिनट से दोपहर 02 बजकर 55 मिनट तक

गुलिकाल: प्रातः 10:बजकर 40 मिनट से दोपहर 01 बजकर 40 मिनट के स्थान पर प्रातः 10:40 बजे से दोपहर 12:05 बजे तक

यमगण्ड: प्रातः 06:26 बजे से प्रातः 07:51 बजे तक

आज का नक्षत्र

आज चंद्रदेव शतभिषा नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।

शतभिषा नक्षत्र: रात्रि 08:49 बजे तक, फिर पूर्वाभाद्रपद

नक्षत्र स्वामी: राहु

राशि स्वामी: शनिदेव

देवता: वरुणदेव (जल के देवता)

प्रतीक: खाली वृत्त (शून्य)

सामान्य विशेषताएं: कुशाग्र बुद्धि, सदाचारी, सत्यवादी, स्वतंत्र विचार, धैर्यवान, नेतृत्व करने वाले, जिज्ञासु, समस्याओं को सुलझाने वाले, थोड़े रहस्यमयी और अंतर्मुखी।

यह दैनिक पंचांग Astropatri.com की तरफ से प्रस्तुत किया गया है। सुझाव या प्रतिक्रिया के लिए कृपया hello@astropatri.com पर संपर्क करें।