आज का पंचांग 02 सितंबर: हलषष्ठी के पावन पर्व पर जानें शुभ-अशुभ मुहूर्त, राहुकाल और सूर्योदय-चंद्रोदय का समय
आज का पंचांग 02 सितंबर 2026 बुधवार: आज भाद्रपद कृष्ण पंचमी है और हलषष्ठी का पावन पर्व मनाया जा रहा ...और पढ़ें
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आज का पंचांग 02 सितंबर 2026
आनंद सागर पाठक, एस्ट्रोपत्री। आज 02 सितंबर 2026, दिन बुधवार है। आज का पंचांग आपके दिन को बेहतर बनाने में मदद करेगा। आज भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि है जो सुबह 06 बजकर 12 मिनट तक रहेगी, इसके बाद षष्ठी तिथि शुरू हो जाएगी। आज के दिन हलषष्ठी का पावन पर्व मनाया जा रहा है।विक्रम संवत 2083 चल रहा है। आज चंद्रमा मेष राशि में और सूर्य सिंह राशि में विराजमान हैं। आज का नक्षत्र भरणी है।पंचांग में दिए गए शुभ और अशुभ मुहूर्त को देखकर आप अपने जरूरी काम कर सकते हैं। आज अभिजीत मुहूर्त नहीं है, लेकिन रात में अमृत काल रहेगा। राहुकाल और यमगण्ड जैसे अशुभ समय में शुभ कार्य करने से बचना चाहिए।
तिथि: कृष्ण पंचमी
मास: भाद्रपद
दिन: बुधवार
संवत्: 2083
महत्वपूर्ण विवरण
तिथि: कृष्ण पक्ष की पंचमी – प्रातः 06 बजकर 12 मिनट तक, फिर षष्ठी तिथि (अगले दिन तड़के 04 बजकर 25 मिनट, 3 सितंबर तक)
योग: ध्रुव – रात्रि 09 बजकर 12 मिनट तक, फिर व्याघात
करण: तैतिल – प्रातः 06 बजकर 12 मिनट तक
करण: गरज – सायं 05 बजकर 21 मिनट तक, फिर वणिज (अगले दिन तड़के 04 बजकर 25 मिनट तक)
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय का समय: प्रातः 05 बजकर 59 मिनट
सूर्यास्त का समय: सायं 06 बजकर 42 मिनट
चंद्रोदय का समय: रात्रि 09 बजकर 45 मिनट
चंद्रास्त का समय: प्रातः 10 बजकर 50 मिनट (3 सितंबर)
सूर्य और चंद्रमा की राशियां
सूर्य देव: सिंह राशि में स्थित हैं
चन्द्र देव: मेष राशि में स्थित हैं
आज के शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: कोई नहीं
अमृत काल: रात्रि 09 बजकर 06 मिनट बजे से रात्रि 10 बजकर 38 मिनट तक
आज के अशुभ समय
राहुकाल: दोपहर 12 बजकर 21 मिनट से दोपहर 01 बजकर 56 मिनट तक
गुलिकाल: प्रातः 10 बजकर 45 मिनट से दोपहर 12 बजकर 21 मिनट तक
यमगण्ड: प्रातः 07 बजकर 35 मिनट से प्रातः 09 बजकर 10 मिनट तक
आज का नक्षत्र
आज चंद्रदेव भरणी नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।
भरणी नक्षत्र: अगले दिन तड़के 01 बजकर 43 मिनट (3 सितंबर) तक, फिर कृत्तिका
स्थान: 13°20’ मेष राशि से 26°40’ मेष राशि तक
नक्षत्र स्वामी: शुक्रदेव
राशि स्वामी: मंगलदेव
देवता: यमराज (न्याय के देवता)
प्रतीक: योनि (सृजन का आधार)
सामान्य विशेषताएं: जिम्मेदार, रक्षक, सिद्धांतों के पक्के, गंभीर, अनुशासित, मेहनती, सत्यवादी, बुराइयों से लड़ने वाले और नियंत्रण रखने वाले।
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