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आज का पंचांग 17 सितंबर: विश्वकर्मा पूजा के दिन जानें आज के शुभ मुहूर्त, राहुकाल और नक्षत्र की स्थिति

Published: Thu, 17 Sep 2026 06:00 AM (IST)

आज 17 सितंबर 2026, गुरुवार को भाद्रपद शुक्ल षष्ठी तिथि और अनुराधा नक्षत्र का संयोग है, साथ ही विश्वकर्मा पूजा ...और पढ़ें

गुरुवार 15 सितंबर 2026 का पंचांग ! (Picture Credit- AI Generated)

गुरुवार 15 सितंबर 2026 का पंचांग ! (Picture Credit- AI Generated)

HighLights

  1. आज भाद्रपद शुक्ल षष्ठी और अनुराधा नक्षत्र का संयोग।

  2. विश्वकर्मा पूजा का विशेष अवसर भी आज ही है।

  3. पंचांग में तिथि, योग, करण, ग्रहों की स्थिति की जानकारी।

आनंद सागर पाठक, एस्ट्रोपत्री। आज 17 सितंबर 2026, दिन गुरुवार को भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष षष्ठी तिथि है। आज के दिन अनुराधा नक्षत्र का खास संयोग बन रहा है, जो शाम 7 बजकर 53 मिनट तक रहेगा, इसके बाद ज्येष्ठा नक्षत्र शुरू हो जाएगा। आज चंद्रमा वृश्चिक राशि में स्थित है और सूर्य सिंह राशि में है।

आज विश्वकर्मा पूजा का खास मौका भी है। ऐसे में आइए जानते हैं एस्ट्रोपत्री आनंद सागर पाठक से आज के पंचांग में तिथि, योग, करण, नक्षत्र, ग्रहों की स्थिति और शुभ-अशुभ समय से जुड़ी खास जानकारी।

तिथि: शुक्ल पक्ष की षष्ठी –सुबह 10 बजकर 47 मिनट तक, फिर सप्तमी तिथि

योग: विष्कुम्भ – दोपहर 12 बजकर 50 मिनट तक, फिर प्रीति

करण: तैतिल –सुबह 10 बजकर 47 मिनट तक

करण: गरज – रात्रि 11 बजकर 51 मिनट तक, फिर वणिज

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति

सूर्योदय का समय:सुबह 06 बजकर 07 मिनट

सूर्यास्त का समय: सायं 06 बजकर 24 मिनट

चंद्रोदय का समय: दोपहर 12 बजकर 01 मिनट

चंद्रास्त का समय: रात्रि 10 बजकर 03 मिनट

सूर्य और चंद्रमा की राशियां

सूर्य देव: सिंह राशि में (प्रातः 07 बजकर 58 मिनट तक), फिर कन्या राशि में प्रवेश

चन्द्र देव: वृश्चिक राशि में स्थित हैं

आज के शुभ मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11 बजकर 51 मिनट से दोपहर 12 बजकर 40 मिनट तक

अमृत काल:सुबह 08 बजकर 24 मिनट से सुबह 10 बजकर 10 मिनट तक

आज के अशुभ समय

राहुकाल: दोपहर 01 बजकर 48 मिनट से दोपहर 03 बजकर 20 मिनट तक

गुलिकाल:सुबह 09 बजकर 11 मिनट से सुबह 10 बजकर 43 मिनट तक

यमगण्ड:सुबह 06 बजकर 07 मिनट से सुबह 07 बजकर 39 मिनट तक

आज का नक्षत्र

आज चंद्रदेव अनुराधा नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।

अनुराधा नक्षत्र: सायं 07:53 बजे तक, फिर ज्येष्ठा

स्थान: 3°20’ वृश्चिक राशि से 16°40’ वृश्चिक राशि तक

नक्षत्र स्वामी: शनिदेव

राशि स्वामी: मंगलदेव

देवता: मित्र (तालमेल और मित्रता के देवता)

प्रतीक: कमल का फूल या सजा हुआ द्वार

सामान्य विशेषताएं: सुंदर बाल और पलकें, ईश्वर में आस्था, साहसी, बुद्धिमान, स्पष्टवादी, मेहनती, समाज में सम्मानित, आकर्षक व्यक्तित्व, थोड़े स्वार्थी, स्वतंत्र विचार और रिश्तों में गंभीर।

यह दैनिक पंचांग Astropatri.com की तरफ से प्रस्तुत किया गया है। सुझाव या प्रतिक्रिया के लिए कृपया hello@astropatri.com पर संपर्क करें।