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आज का पंचांग 10 अक्‍टूबर: सर्वपितृ अमावस्या पर बन रहे हैं ये 3 शुभ मुहूर्त, भूलकर भी न करें ये गलती वरना लगेगा पितृदोष

Published: Sat, 10 Oct 2026 06:00 AM (IST)

आज 10 अक्टूबर 2026 सर्वपितृ अमावस्या है। जानें दिल्ली एनसीआर का आज का पंचांग, शुभ मुहूर्त, राहुकाल, सूर्य-चंद्रमा की स्थिति, ...और पढ़ें

सर्वपितृ अमावस्या 2026: शुभ मुहूर्त और पंचांग । (Picture Credit- AI Generated)

सर्वपितृ अमावस्या 2026: शुभ मुहूर्त और पंचांग । (Picture Credit- AI Generated)

आनंद सागर पाठक, एस्ट्रोपत्री। आज का दिन बहुत खास है, क्योंकि आज सर्वपितृ अमावस्या है। इसे पितृ पक्ष का आखिरी और सबसे बड़ा दिन माना जाता है। इस दिन लोग अपने पितरों को याद करते हैं और उनके लिए तर्पण और श्राद्ध करते हैं। कहा जाता है कि इस दिन किया गया दान और पूजा सीधे पितरों तक पहुंचता है और घर में सुख शांति आती है।अगर किसी के पूर्वज की मृत्यु की तारीख याद न हो तो उसका श्राद्ध भी आज ही किया जाता है। इसलिए इसे सबकी अमावस्या भी कहते हैं। इस दिन कुछ काम करने से बचना चाहिए, नहीं तो पितृ दोष लग सकता है। आज का पंचांग जानना इसलिए जरूरी है, ताकि आप शुभ समय पर पूजा कर सकें और कोई गलती न हो।

तिथि: कृष्ण अमावस्या
मास: आश्विन
दिन: शनिवार
संवत्: 2083

महत्वपूर्ण विवरण

तिथि: कृष्ण पक्ष की अमावस्या – रात्रि 9 बजकर 19 मिनट तक, फिर शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि।

योग: इन्द्र – रात्रि 10 बजकर 2 मिनट तक, फिर वैधृति।

करण: चतुष्पाद – प्रातः 9 बजकर 24 मिनट तक।

करण: नागव – रात्रि 9 बजकर 19 मिनट तक, फिर किंस्तुघ्न।

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति

सूर्योदय का समय: प्रातः 6 बजकर 19 मिनट।

सूर्यास्त का समय: सायं 5 बजकर 57 मिनट।

चंद्रोदय का समय: चंद्रोदय नहीं (No Moonrise)।

चंद्रास्त का समय: सायं 5 बजकर 30 मिनट।

सूर्य और चंद्रमा की राशियां

सूर्य देव: कन्या राशि में स्थित हैं।

चंद्र देव: कन्या राशि में स्थित हैं।

आज के शुभ मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11 बजकर 45 मिनट से दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक।

अमृत काल: दोपहर 3 बजकर 36 मिनट से सायं 5 बजकर 14 मिनट तक।

आज के अशुभ समय

राहुकाल: प्रातः 9 बजकर 13 मिनट से प्रातः 10 बजकर 41 मिनट तक।

गुलिकाल: प्रातः 6 बजकर 19 मिनट से प्रातः 7 बजकर 46 मिनट तक।

यमगण्ड: दोपहर 1 बजकर 35 मिनट से दोपहर 3 बजकर 2 मिनट तक।

आज का नक्षत्र

आज चंद्रदेव हस्त नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।

हस्त नक्षत्र: रात्रि 9 बजकर 42 मिनट तक, फिर चित्रा।

नक्षत्र स्वामी: चंद्रदेव।

राशि स्वामी: बुधदेव।

देवता: सविता (सूर्य देव का एक रूप)।

प्रतीक: हाथ या बंद मुट्ठी।

सामान्य विशेषताएं: निडर, साहसी, उपकारी, दानी, मेहनती, फुर्तीला, लक्ष्य के प्रति समर्पित, बुद्धिमान, कभी-कभी झगड़ालू, कठोर, जीवन के उत्तरार्ध में सुखी, शारीरिक कार्यों में निपुण और सफल।

अमावस्या श्राद्ध 2026

अमावस्या तिथि प्रारंभ: 9 अक्टूबर, रात 9 बजकर 35 मिनट।

अमावस्या तिथि समाप्त: 10 अक्टूबर, रात 9 बजकर 19 मिनट।

शुभ मुहूर्त समय

कुतुप मुहूर्त: सुबह 11 बजकर 45 मिनट से दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक।

रौहिण मुहूर्त: दोपहर 12 बजकर 31 मिनट से 1 बजकर 18 मिनट तक।