नई दिल्ली, Weekly Vrat Tyohar (27 June To 3 July 2022) : हिंदू कैलेंडर के अनुसार, आज से जून के अंतिम सप्ताह शुरू हो गया है। इस माह का समापन 30 जून से हो रहा है। इसके साथ ही सप्ताह के तीन दिन जुलाई माह के शुरुआत में पड़ रहे हैं। यह सप्ताह काफी खास जाने वाला है। आषाढ़ मास में पड़ने वाले इस सप्ताह में मासिक शिवरात्रि, अमावस्या, गुप्त नवरात्रि से लेकर जगन्नाथ यात्रा सहित कई बड़े व्रत त्योहार पड़ रहे हैं। जानिए इस सप्ताह पड़ने वाले सभी व्रत त्योहारों के बारे में।

जून के आखिरी सप्ताह और जुलाई के पहले सप्ताह पड़ने वाले व्रत त्योहार

27 जून 2022, सोमवार- मासिक शिवरात्रि

आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि के दिन मासिक शिवरात्रि का व्रत पड़ रहा है। इस दिन भगवान शिव की विधिवत तरीके पूजा अर्चना करने के साथ व्रत रखने का विधान है। इसे आषाढ़ी मासिक शिवरात्रि के नाम से भी जानते हैं।

28 जून 2022, मंगलवार- श्राद्ध की आषाढ़ अमावस्या

आषाढ़ मास की अमावस्या को आषाढ़ अमावस्या के अलावा हलहारिणी अमावस्या के नाम से जाना जाता है। इस बार दो दिन अमावस्या पड़ रही है। इसलिए 28 जून को पितरों का श्राद्ध करने का विधान है। इस दिन पितरों का श्राद्ध करने से वह प्रसन्न होते हैं और आशीर्वाद देते हैं।

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29 जून 2022, बुधवार, स्नान-दान की आषाढ़ अमावस्या

28 जून को श्राद्ध की अमावस्या होने के साथ बुधवार को स्नान दान की अमावस्या है। इस दिन गंगा स्नान के साथ दान देना शुभ माना जाता है।

30 जून 2022, गुरुवार- गुप्त नवरात्रि प्रारंभ

आषाढ़ माह में पड़ने वाले नवरात्रि को गुप्त नवरात्रि के नाम से जाना जाता है। गुप्त नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा के नौ अवतारों की पूजा करने के साथ 10 महाविद्याओं की भी पूजा की जाती है। आमतौर पर गुप्त नवरात्रि के अवसर में तंत्र साधना का महत्व है। इसके साथ ही दुर्गाष्टमी 7 जुलाई, गुरुवार को पड़ रही है।

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1 जुलाई 2022, शुक्रवार- जगन्नाथ यात्रा

दुनियाभर में प्रसिद्ध उड़ीसा के पुरी का जगन्नाथ रथ यात्रा 1 जुलाई, शुक्रवार को निकाली जाएगी। हर साल आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को यह रथ यात्रा निकलती है। इस दिन भगवान जगन्नाथ के साथ बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र अलग-अलग रथों में सवार होकर गुंडिया मंदिर जाते हैं।

3 जुलाई 2022, रविवार- विनायक चतुर्थी व्रत

आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणेश चतुर्थी कहा जाता है। रविवार को पड़ने के कारण इसे विनायक गणेश चतुर्थी कहा जाएगा। इस दिन भगवान गणेश की विधिवत पूजा करने के साथ व्रत रखा जाता है। मान्यता है कि इस दिन गणपति जी की पूजा करने के साथ-साथ व्रत रखने से हर तरह के कष्टों से छुटकारा मिलने के साथ-साथ सुख-शांति की प्राप्ति होती है।

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Edited By: Shivani Singh