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Vat Savitri Vrat 2022 Samagri: वट सावित्री व्रत पर बन रहा है खास संयोग, जानिए शुभ मुहूर्त और पूजन सामग्री

Vat Savitri Vrat 2022 वट सावित्री व्रत के दिन बरगद के पेड़ की विधि-विधान से पूजा करके अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद लिया जाता है। इस बार वट सावित्री व्रत पर खास संयोग बन रहा है। जानिए वट सावित्री व्रत की संपूर्ण पूजन सामग्री।

By Shivani SinghEdited By: Published: Tue, 24 May 2022 11:01 AM (IST)Updated: Wed, 25 May 2022 04:48 PM (IST)
Vat Savitri Vrat 2022 Samagri: वट सावित्री व्रत पर बन रहा है खास संयोग, जानिए शुभ मुहूर्त और पूजन सामग्री
Vat Savitri Vrat 2022 Samagri: वट सावित्री व्रत पूजन विधि

नई दिल्ली, Vat Savitri Vrat 2022: ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि को वट सावित्री व्रत रखा जाता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु और अच्छी सेहत के लिए व्रत रखकर वट वृक्ष (बरगद) की पूजा करती हैं। इस साल वट सावित्री व्रत के दिन काफी शुभ संयोग बन रहा है। क्योंकि इस साल अमावस्या सोमवार के दिन पड़ रही है जिसे सोमवती अमावस्या के नाम से जाना जाता है। इसके अलावा इस शनि जयंती भी पड़ रही है।

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वट सावित्री व्रत के दिन सुहागिन महिलाएं सोलह श्रृंगार करके करवा चौथ की तरह की पति की लंबी आयु के लिए व्रत रखती है। बरगद की पेड़ की पूजा करने के साथ ही व्रत खोल दिया जाता है। अगर आप पहली बार वट सावित्री व्रत रख रही हैं तो पूजन सामग्री पहले से ही रख लें, जिससे पूजा करते समय किसी चीज की कमी न हो। आइए जानते हैं कि वट सावित्री व्रत की पूजा के दौरान किन-किन चीजों की पड़ती हैं जरुरत।

वट सावित्री व्रत शुभ मुहूर्त

ज्येष्ठ अमावस्या तिथि प्रारंभ: 29 मई को दोपहर 02 बजकर 54 मिनट से शुरू

अमावस्या तिथि का समापन: 30 मई को शाम 04 बजकर 59 मिनट पर

सर्वार्थ सिद्धि योग: 30 मई को सुबह 7 बजकर 12 मिनट से सर्वार्थ सिद्धि योग शुरू होकर 31 मई सुबह 5 बजकर 8 मिनट तक

वट सावित्री व्रत पूजन सामग्री

  • बांस का पंखा
  • खरबूज
  • लाल कलावा
  • कच्चा सूत
  • मिट्टी का दीपक
  • घी
  • धूप-अगरबत्ती
  • फूल
  • रोली
  • 14 गेहूं के आटे से बनी हुई पूड़ियां
  • 14 गेहूं के आटे से बने हुए गुलगुले
  • सोलह श्रृंगार की चीजें
  • पान
  • सुपारी
  • नारियल
  • थोड़े से भीगे हुए चने
  • जल का लोटा
  • बरगद की कोपल
  • फल
  • कपड़ा सवा मीटर
  • स्टील की थाली
  • मिठाई
  • चावल और हल्दी हल्दी के पेस्ट में थोड़ा सा पानी मिलाकर थापा के लिए
  • गाय का गोबर (सावित्री और मां पार्वती की मूर्ति बनाने के लिए)

डिसक्लेमर

'इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।'


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