Shakambhari Navratri 2021: आज से शाकम्भरी नवरात्र की शुरुआत हो गई है। यह उत्सव 21 जनवरी से 28 जनवरी तक चलेगा। इस दौरान माता शाकम्भरी की पूजा की जाती है। माता शाकम्भरी की माता शाकम्भरी, दुर्गा मा का एक सौम्य अवतार कहा जाता है। इनकी चार भुजाएं हैं। लेकिन कई जगह पर इनकी अष्टभुजाओं वालीं भी बताया गया है। शास्त्रों के अइुसार इन्हें ही वैष्णो देवी, चामुंडा, कांगड़ा वाली, ज्वाला, चिंतपूर्णी, कामाख्या, चंडी, बाला सुंदरी, मनसा, नैना और शताक्षी देवी के रूप में जाना जाता है। मां के प्रसाद में हलवा पूरी, सराल-शाक, फल, सब्जी, मिश्री मेवे और शाकाहारी भोजन का भोग लगाया जाता है। कहा जाता है कि मां कि दर्शन और पूजन से अन्न, फल, धन, धान्य और अक्षय फल की प्राप्ति होती है। तो आइए जानते हैं कि माता शाकम्भरी की पूजा कैसे की जाती है।

माता शाकम्भरी की पूजा विधि:

  • पौष मास की अष्टमी तिथि को सुबह जल्दी उठना चाहिए। सभी कार्यों से निवृत्त होकर स्नानादि कर लें।
  • फिर माता शाकम्भरी का ध्यान करें। इस दौरान कई लोग पूरे 9 दिन का व्रत करते हैं। साथ ही माता की आरती भी करते हैं।
  • शाकम्भरी नवरात्र के दिन मां की पूजा पूरे विधि-विधान के साथ की जाती है। पूजा में माता शाकम्भरी की प्रतिमा या तस्वीर रखी जाती है और गंगाजल का छिड़काव किया जाता है।
  • मां के चारों तरफ ताजे फल और मौसमी सब्जियां रखी जाती हैं।
  • माता शाकम्भरी के मंदिर में जाकर उनकी पूजा-अर्चना भी करनी चाहिए।
  • माता को पवित्र भोजन का प्रसाद चढ़ाना चाहिए। इसके बाद मां की आरती भी करनी चाहिए।
  • आरती के बाद घर के सभी सदस्यों को प्रसाद वितरित करें। साथ ही शाकम्भरी कथा भी अवश्य पढ़ें।

डिसक्लेमर

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