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पहली बार रखने जा रही हैं सावन का व्रत? पूजा के बाद शिवजी के सामने जरूर बोलें ये एक मंत्र

Published: Sun, 19 Jul 2026 06:30 PM (IST)

सोलह सोमवार का व्रत भगवान शिव की कृपा पाने और मनोकामनाएं पूरी करने का एक महत्वपूर्ण मार्ग है। यह व्रत ...और पढ़ें

सावन 2026 सोमवार व्रत से जुड़ा खास मंत्र (Picture Credits- AI Image)

सावन 2026 सोमवार व्रत से जुड़ा खास मंत्र (Picture Credits- AI Image)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सोलह सोमवार का व्रत भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का सबसे सरल और बेहतरीन मार्ग है। इस व्रत की शुरुआत श्रावण मास के सोमवार से की जाती है।

ऐसे में इस साल सावन की शुरुआत 30 जुलाई 2026 (गुरुवार) से हो रही है, जो 28 अगस्त 2026 शुक्रवार के दिन समाप्त होगा। वही सावन का पहला सोमवार व्रत 2 जुलाई 2026 को रखा जाएगा।

सावन के सोलह सोमवार व्रत का महत्व

इस व्रत को एक बार शुरू करने के बाद अगले आने वाले 16 सोमवार तक इस व्रत का पालन किया जाता है और 17वें सोमवार को व्रत का विधिपूर्वक उद्यापन किया जाता है। ऐसे में जो भी महिलाएं इस साल पहली बार सावन सोमवार व्रत की शुरुआत करने जा रही हैं, उन्हें शिव जी की इस पूजा से जुड़ी नियमों का पालन करना चाहिए।

16 सोमवार का व्रत सोलह हफ्तों में किया जाता है। जिसमें आप एक-एक करके अपने सभी पापों से मुक्त होते चले जाते हैं। लेकिन सावन महीने में भगवान शिव की पूजा के साथ एक प्रार्थना जरूर करें। हर सोमवार व्रत के दौरान भगवान शिव की पूजा करने के बाद उनके समक्ष खड़े होकर इस श्लोक को दोहराए-

यत् कृतं तु मया देव पापं जन्मान्तरार्जित्म।
क्षन्तव्यं तत् महादेव प्रसीद परमेश्वरम।।

अर्थात्- जो भी पाप मुझसे इस जन्म या पिछले जन्म में हुए हैं, उनके लिए मैं क्षमा मांगती हूं। मुझ पर अपनी कृपा बनाए रखें।

सावन का व्रत रखने वाली सभी महिलाएं जो पहली बार व्रत रखने जा रही हैं, वो भी इस बात का ध्यान रखें कि, यह महीना भगवान शिव की पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। ऐसे में यह श्लोक भगवान शिव के समक्ष सच्चे मन से बोलें, ताकि सोलह सोमवार व्रत के पूर्ण होने के बाद इच्छा पूर्ण हो जाए।

sawan 2026 16 somvar vrat puja vidhi rules benefits and shiva mantra

16 सोमवार का व्रत क्यों रखना जरूरी है?

जो भी महिलाएं अविवाहित हैं और योग्य जीवनसाथी की तलाश में हैं, उन्हें 16 सोमवार का व्रत जरूर रखना चाहिए। इस व्रत को रखने से विवाहित जीवन में सामंजस्य स्थापित होने के साथ सभी तरह की मनोकामनाएं पूरी होती है। इसके अलावा बाधाओं और नकारात्मक ऊर्जा से राहत मिलती है।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।