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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 05, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Sawan 2023: सावन में जरूर करें नंदी महाराज की पूजा, भोलेनाथ तक जरूर पहुंचेगी भक्तों की मनोकामना

By Shantanoo MishraEdited By: Shantanoo Mishra
Published: Wed, 05 Jul 2023 01:07 PM (GMT+05:30)

Sawan 2023 सावन का पवित्र महीना शुरू हो चुका है। इस पवित्र मास में भगवान शिव की उपासना का विशेष ...और पढ़ें

Sawan 2023: सावन में जरूर करें नंदी महाराज की उपासना।
Sawan 2023: सावन में जरूर करें नंदी महाराज की उपासना।

HighLights

  1. 04 जुलाई से सावन का पवित्र महिना शुरू हो चुका है।
  2. सावन माह में भगवान शिव की उपासना का विशेष महत्व है।
  3. सावन में नंदी महाराज की उपासना से भी लाभ प्राप्त होता है।

नई दिल्ली, अध्यात्म डेस्क । Sawan 2023: पंचांग के अनुसार, 04 जुलाई से सावन का पवित्र महिना शुरू हो चुका है। बता दें कि इस पवित्र महीने में भगवान शिव की उपासना का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन माह में भगवान शिव की उपासना करने से जीवन बल, बुद्धि, विद्या और धन की प्राप्ति होती है। इसके साथ सावन के प्रथम सोमवार के दिन शिव जी का जलाभिषेक करने से साधक को रोग, दोष और बाधाओं से मुक्ति मिल जाती है। लेकिन शिव जी की पूजा के साथ-साथ इस मास में नंदी महाराज की उपासना का भी विशेष महत्व है।

कौन हैं नंदी महाराज?

नंदी महाराज भगवान शिव के प्रिय गण हैं और वह उनके प्रिय वाहन हैं। इसलिए किसी भी शिवालय में भगवान शिव के समीप नंदी महाराज की प्रतिमा जरूर होती है। ऐसी मान्यता है कि सावन के पवित्र महीने में नंदी महाराज को अपनी इच्छा बताने से साधक की मनोकामना जल्द पूर्ण हो जाती है। ऐसा इसलिए क्योंकि अधिकांश समय भगवान शिव तपस्या में लीन रहते हैं और भगवान नंदी उनकी सेवा में रहते हैं। ऐसे में नंदी जी को अपनी मनोकामना बताने से वह बात भगवान शिव तक जल्दी पहुंचती है।

नंदी महाराज के कान में जरूर कहें ये शब्द

विद्वानों के अनुसार, नंदी महाराज की उपासना करते समय और उनके कान में अपनी इच्छा बताने से पहले '' शब्द जरूर बोलना चाहिए और इसके बाद अपनी कामना कहनी चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि '' का दूसरा नाम प्रणव अर्थात परमेश्वर है और कई ग्रंथों में यह भी बताया गया है कि '' ब्रह्मा, विष्णु और महेश यानी त्रिदेवों के प्रतीक हैं। इसलिए किसी भी वैदिक मंत्र के प्रारंभ में '' का उच्चारण जरूर किया जाता है।

डिसक्लेमर: इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।