किसी भी मास में कृष्ण पक्ष की अमावस्या अगर सोमवार के दिन पड़ती है तो वह सोमवती अमावस्या कहलाती है, इस दिन का हिन्दू धर्म में अत्यधिक महत्व है, महिलाएं व्रत रखती हैं। आज ज्येष्ठ मास की अमावस्या है, जो सोमवार को पड़ी है, इस तिथि के दो पौराणिक महत्व हैं- पहला शनिदेव के जन्म से जुड़ा है तो दूसरा पतिव्रता नारी सावित्री से।

सोमवती अमावस्या को हुआ था शनिदेव का जन्म

आज देश भर में शनि जयंती मनाई जा रही है, भक्त उनकी विधि-विधान से पूजा अर्चना कर रहे हैं। शनिदेव का जब जन्म हुआ था, उस दिन ज्येष्ठ मास की अमावस्या थी और दिन सोमवार था यानी कि शनिदेव का जन्म सोमवती अमावस्या के दिन हुआ था, इसलिए आज के सोमवती अमावस्या का शनि जयंती के कारण महत्व बढ़ जाता है। इस दिन शनिदेव की पूजा करने से वह जल्द प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।

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सोमवती अमावस्या को ही सावित्री ने की थी सत्यवान की रक्षा

पतिव्रता सावित्री के पति सत्यवान को जब सांप ने वट वृक्ष के नीचे काटा था, तो उस दिन भी ज्येष्ठ मास की अमावस्या थी और दिन सोमवार था। सोमवती अमावस्या के दिन ही सावित्री ने यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राणों की रक्षी की थी। आज सोमवती अमावस्या के दिन देशभर में महिलाएं वट सावित्री का व्रत कर रही हैं। अपने पति की रक्षा और सौभाग्य के लिए महिलाएं वट वृक्ष और सावित्री की पूजा अर्चना कर रही हैं तथा वट सावित्री व्रत की कथा सुन रही हैं।

— ज्योतिषाचार्य चक्रपाणि भट्ट

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Posted By: kartikey.tiwari