राम नवमी के दिन इस आरती को करने से पूरी होगी हर अधूरी मन्नत, मिलेंगे सभी सुख
धार्मिक मान्यतानुसार, 26 मार्च 2026 को चैत्र माह में राम नवमी मनाई जाएगी। इस दिन भगवान श्री राम की आरती ...और पढ़ें

इस आरती के बिना अधूरी है पूजा (Image Source: AI-Generated)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। धार्मिक मान्यता के अनुसार, प्रभु श्री राम का अवतार मुख्य रूप असुरों के अत्याचारों से मुक्त कराने के लिए हुआ था। वैदिक पंचांग के अनुसार, इस बार चैत्र माह में 26 मार्च (Ram Navami 2026) को राम नवमी का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन राम मंदिरों के बेहद खास रौनक देखने को मिलती है।
ऐसा माना जाता है कि राम नवमी के अवसर पर राम नाम का जाप और रामचरितमानस का पाठ करने से साधक को जन्म-जन्मांतर के पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-शांति बनी रहती है। पूजा के दौरान प्रभु श्रीराम (Ram Aarti Lyrics) की आरती जरूर करनी चाहिए। राम जी की आरती करने से साधक को पूजा का पूर्ण फल प्राप्त होता है और बिगड़े काम पूरे होते हैं।

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।।भगवान राम की आरती।। (Shri Ramchandra Ji Aarti)
श्री राम चंद्र कृपालु भजमन हरण भव भय दारुणम्।
नवकंज लोचन कंज मुखकर, कंज पद कन्जारुणम्।।
कंदर्प अगणित अमित छवी नव नील नीरज सुन्दरम्।
पट्पीत मानहु तडित रूचि शुचि नौमी जनक सुतावरम्।।
भजु दीन बंधु दिनेश दानव दैत्य वंश निकंदनम्।
रघुनंद आनंद कंद कौशल चंद दशरथ नन्दनम्।।
सिर मुकुट कुण्डल तिलक चारु उदारू अंग विभूषणं।
आजानु भुज शर चाप धर संग्राम जित खर-धूषणं।।
इति वदति तुलसीदास शंकर शेष मुनि मन रंजनम्।
मम ह्रदय कुंज निवास कुरु कामादी खल दल गंजनम्।।
मनु जाहिं राचेऊ मिलिहि सो बरु सहज सुंदर सावरों।
करुना निधान सुजान सिलू सनेहू जानत रावरो।।
एही भांती गौरी असीस सुनी सिय सहित हिय हरषी अली।
तुलसी भवानी पूजि पूनी पूनी मुदित मन मंदिर चली।।
दोहा- जानि गौरी अनुकूल सिय हिय हरषु न जाइ कहि।
मंजुल मंगल मूल वाम अंग फरकन लगे।।
राम जी के मंत्र (Ram Mantra)
1. ॐ श्री रामाय नमः॥
2. ॐ श्री रामचन्द्राय नमः।
3. ॐ रां रामाय नमः।
4. श्रीराम तारक मंत्र - श्री राम, जय राम, जय जय राम।
5. श्रीराम गायत्री मंत्र -
6. ॐ दाशरथये विद्महे सीतावल्लभाय धीमहि।
तन्नो रामः प्रचोदयात्॥
7. श्री राम रक्षा मंत्र - ॐ ह्रां ह्रीं रां रामाय नमः॥
8. राम ध्यान मंत्र - श्री रामाय रामभद्राय रामचंद्राय वेधसे रघुनाथाय नाथाय सीताया पतये नमः।
9. विपत्ति में रक्षा हेतु-
राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे ।
सहस्त्र नाम तत्तुन्यं राम नाम वरानने ।
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