सितंबर मास का अंतिम सप्ताह प्रारंभ हो गया है। आज पितृ पक्ष में मातृ नवमी का श्राद्ध है। इस सप्ताह में पितृ पक्ष की महत्वूर्ण तिथियां आ रही हैं। 16 दिनों तक चलने वाला पितृ पक्ष 28 सितंबर को पितृ विसर्जन के साथ खत्म हो रहा है। इसके तत्काल बाद माता दुर्गा की आराधना का पर्व नवरात्रि भी इसी सप्ताह से प्रारंभ हो रही है। नवरात्रि के पहले दिन घट स्थापना के साथ माता शैलपुत्री की पूजा होगी। माता के भक्त नवरात्रि के 9 दिनों का व्रत रखेंगे।

आइए जानते हैं कि इस महत्वपूर्ण सप्ताह में कौन-कौन सी प्रमुख तिथियां और व्रत एवं त्योहार किस तारीख को पड़ रहे हैं—

24 सितंबर: दशमी श्राद्ध।

25 सितंबर: इंदिरा एकादशी व्रत। एकादशी श्राद्ध।

26 सितंबर: प्रदोष व्रत। मघा श्राद्ध।

27 सितंबर: चतुर्दशी श्राद्ध। मासिक शिवरात्रि।

28 सितंबर: स्नान-दान-श्राद्धादि की अमावस्या। पितृ विसर्जन।

पितृ विसर्जन: आश्विन मास की अमावस्या को पितृ विसर्जन होता है। इस दिन पितृ पक्ष का आखिरी दिन भी होता है। भाद्रपद मास की पूर्णिमा से प्रारंभ हुआ पितृ पक्ष आश्विन मास की अमावस्या को पितरों की तृप्ति के बाद समाप्त हो जाता है।

29 सितंबर: शारदीय नवरात्रारंभ। कलश या घट स्थापना। माता शैलपुत्री की पूजा।

नवरात्रि: इस वर्ष शारदीय नवरात्रि 29 सितंबर 2019 दिन रविवार से प्रारंभ हो रहा है। इस बार माता दुर्गा हाथी पर सवार होकर आ रही हैं। यह नवरात्रि 9 दिन की है। माता मुर्गा वाहन पर सवार होकर विदा होंगी। इस दिन लोग अपने घरों में घट या कलश स्थापना करेंगे और माता शैलपुत्री की विधि विधान से पूजा करेंगे।

30 सितंबर: नवरात्रि का दूसरा दिन, माता ब्रह्मचारिणी की पूजा।

नवरात्रि के दूसरे दिन माता ब्रह्मचारिणी की विधि विधान से पूजा अर्चना की जाती है।

Posted By: kartikey.tiwari

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