अक्टूबर माह के तीसरे सप्ताह में कई महत्वूर्ण व्रत एवं त्योहार आने वाले हैं। हिन्दू पंचांग के नए मास कार्तिक का प्रारंभ भी 14 अक्टूबर से हो गया है। इस सप्ताह में महिलाओं का प्रमुख व्रत करवा चौथ या करक चतुर्थी आने वाली है। करवा चौथ के दिन ही संकष्टी गणेश चतुर्थी व्रत और दशरथ चतुर्थी भी है। इसके अलावा इस सप्ताह में रोहिणी व्रत, स्कंद षष्ठी व्रत और अहोई अष्टमी व्रत भी पड़ने वाली है।

आइए जानते हैं कि इस सप्ताह के महत्वपूर्ण व्रत एवं त्योहार किस तारीख को पड़ रही हैं

15 अक्टूबर: अशून्य व्रत।

17 अक्टूबर: संकष्टी गणेश चतुर्थी व्रत। करवा चौथ। करक चतुर्थी व्रत। दशरथ चतुर्थी।

करवा चौथ या करक चतुर्थी व्रत महिलाएं अपने सुहाग की मंगलकामना एवं सुखी दाम्पत्य जीवन के लिए रखती हैं। इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं, माता गौरी और भगवान शिव की पूजा करती हैं। रात्रि के समय चंद्रमा को अघ्र्य देकर पति के हाथों जल ग्रहण करके व्रत खेलती हैं।

संकष्टी गणेश चतुर्थी: कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी कहते हैं, इसे सकट चौथ भी कहा जाता है। इस दिन गणेश जी की आराधना होती है।

दशरथ चतुर्थी: कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को ही दशरथ चतुर्थी होती है, इस दिन दशरथ जी और मां दुर्गा की मिट्टी की मूर्ति की पूजा होती है।

18 अक्टूबर: रोहिणी व्रत।

27 नक्षत्रों में शाम‍िल रोह‍िणी नक्षत्र के द‍िन यह व्रत होता है, इस कारण से इसे रोह‍िणी व्रत कहा जाता है। रोहिणी व्रत का जैन समुदाय में खास महत्‍व है।

19 अक्टूबर: स्कंद षष्ठी व्रत।

कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी को स्कन्द षष्ठी कहा जाता है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती के बड़े पुत्र कार्तिकेय की विधिपूर्वक पूजा की जाती है। कार्तिकेय को स्कंद देव, मुरुगन, सुब्रह्मन्य नामों से भी जाना जाता है।

21 अक्टूबर: अहोई अष्टमी व्रत।

अहोई अष्टमी व्रत दिवाली से 8 दिन पूर्व मनाया जाता है। महिलाएं इस दिन अपने संतान की दीर्घायु के लिए व्रत रखती हैं और अहोई माता की पूजा करती हैं।

Posted By: kartikey.tiwari

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