Makar Sankranti 2021: पौष मास में मकर संक्रांति का त्यौहार मनाया जाता है। यह त्यौहार तब मनाया जाता है जब मकर राशि में सूर्य प्रवेश करता है। मान्यताओं के अनुसार, यही वो दिन है जब शनिदेव से उनके पिता सूर्यदेव मिलने आते हैं। ऐसा भी कहा जाता है कि इस दिन पवित्र नदी में स्नान करना बेहद शुभ होता है। अगर व्यक्ति ऐसा करता है तो उसे जन्म, मृत्यु और पुनर्जन्म के दुष्चक्र से मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस दिन सूर्य उत्तरायण होते हैं। यह त्यौहार सूर्यदेव को समर्पित है।

वेदों में सूर्य को जगत की आत्मा कहा गया है। ऐसा कहा जाता है कि सूर्य से ही पृथ्वी पर जीवन है। यही सर्वमान्य सत्य है। वैदिक काल में आर्य सूर्य को ही सारे जगत का कर्ता धर्ता मानते थे। ऐसे में इनकी पूजा पूरे विधि-विधान के साथ की जाती है। मकर संक्रांति के दिन भी सूर्यदेव की पूजा की जाती है। साथ ही उन्हें अर्घ्य भी दिया जाता है। पूजा करते समय सूर्यदेव के मंत्रों का जाप भी करना चाहिए। जागरण अध्यात्म के इस लेख में हम आपको इन्हीं मंत्रों की जानकारी दे रहे हैं। तो आइए पढ़ते हैं सूर्य मंत्र:

सूर्य को जल चढ़ाते हुए बोलें ये मंत्र:

सूर्य को जल चढ़ाते हुए इस मंत्र का करें जाप। मंत्र: ऊं घृणि सूर्यआदित्याय नम:

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सूर्यदेव की पूजा करते समय इन मंत्रों का भी करें जाप:

ऊं सूर्याय नम:

ऊं आदित्याय नम:

ऊं सप्तार्चिषे नम:

ऊं सवित्रे नम: ,

ऊं मार्तण्डाय नम: ,

ऊं विष्णवे नम:

ऊं भास्कराय नम:

ऊं भानवे नम:

ऊं मरिचये नम:

डिस्क्लेमर

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