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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 18, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Mahashivratri 2023: महाशिवरात्रि पर जरूर करें षडक्षर स्तोत्र का पाठ, भगवान शिव होंगे प्रसन्न

By Shantanoo MishraEdited By: Shantanoo Mishra
Published: Sat, 18 Feb 2023 10:55 AM (IST)

Mahashivratri 2023 महाशिवरात्रि पर भगवान शिव की पूजा रात्रि के समय की जाती है। इस दौरान विशेष मंत्रों से भोलेनाथ ...और पढ़ें

Mahashivratri 2023: महाशिवरात्रि पर जरू करें शिव षडक्षर स्तोत्र का पाठ।
Mahashivratri 2023: महाशिवरात्रि पर जरू करें शिव षडक्षर स्तोत्र का पाठ।

नई दिल्ली, अध्यात्मिक डेस्क | Mahashivratri 2023: भगवान शिव को सृष्टि के संहारक के रूप में पूजा जाता है। आज यानि महाशिवरात्रि पर्व के दिन भगवान शिव की विशेष पूजा की जाती है। यह पूजा रात्रि के समय चार प्रहर की अवधि में पूर्ण की जाती है। इस अवधि में भगवान शिव का रुद्राभिषेक किया जाता है और मंत्रोच्चारण (Mahashivratri 2023 Mantra) के साथ महादेव की उपासना की जाती है। मान्यता है कि महाशिवरात्रि पर विधिपूर्वक भगवान शिव की उपासना करने से सभी कष्ट दूर हो जाते हैं और साधकों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है और सभी कष्टों से मुक्ति मिल जाती है। शास्त्रों में बताया गया है कि शिवरात्रि के दिन शिव षडक्षर स्तोत्र का पाठ करने से साधकों को विशेष लाभ मिलता है। आइए पढ़ते हैं भगवान शिव को समर्पित चमत्कारी शिव षडक्षर स्तोत्र।

शिव षडक्षर स्तोत्र (Mahashivratri 2023 Shiv Shadakshar Stotra Lyrics)

ॐकारं बिंदुसंयुक्तं नित्यं ध्यायंति योगिनः ।

कामदं मोक्षदं चैव ॐकाराय नमो नमः ।।

नमंति ऋषयो देवा नमन्त्यप्सरसां गणाः ।

नरा नमंति देवेशं नकाराय नमो नमः ।।

महादेवं महात्मानं महाध्यानं परायणम् ।

महापापहरं देवं मकाराय नमो नमः ।।

शिवं शांतं जगन्नाथं लोकानुग्रहकारकम् ।

शिवमेकपदं नित्यं शिकाराय नमो नमः ।।

वाहनं वृषभो यस्य वासुकिः कंठभूषणम् ।

वामे शक्तिधरं देवं वकाराय नमो नमः ।।

यत्र यत्र स्थितो देवः सर्वव्यापी महेश्वरः ।

यो गुरुः सर्वदेवानां यकाराय नमो नमः ।।

षडक्षरमिदं स्तोत्रं यः पठेच्छिवसंनिधौ ।

शिवलोकमवाप्नोति शिवेन सह मोदते ।।

डिसक्लेमर- इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।