पुत्र की राशि के साथ होगा संयोग 

इस मकर संक्रांति पर सूर्य देव धनु राशि, जो देव गुरू बृहस्‍पति की राशि है, से निकल अपने पुत्र शनि की राशि मकर में प्रविष्‍ठ हो रहे हैं। ये स्‍थिति करीब 17 वर्ष बाद बन रही है। इस संक्रांति पर पूजा अर्चना से विशेष लाभ प्राप्‍त होगा। मकर संक्रांति पर सूर्य की ये स्‍थिति आपको ऐश्‍वर्य, शक्‍ति, आरोग्‍य और प्रतिभा सम्‍पन्‍न बना सकती है। 

14 और 15 दोनों दिन रहेगा पुण्‍यकाल

2018 में सूर्य का मकर राशि में प्रवेश दोपहर 1 बजकर 57 मिनट पर होगा। पुराणों के अनुसार संक्रांति से 15 घटी पहले और बाद तक का समय पुण्यकाल होता है। इस बार यह अवधि 14 तारीख को प्रारंभ होगी, इसीलिए  मकर संक्रांति का त्योहर 14 जनवरी को मनाया जाएगा और इसका पुण्यकाल सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक होगा जो बहुत ही शुभ संयोग है। हालाकि 15 जनवरी को मकर राशि में सूर्योदय होने के कारण करीब ढ़ाई घंटे तक संक्रांति के पुण्यकाल का दान पुण्य किया जा सकेगा। इसी के चलते संक्रांति का स्नान दोनों दिन यानी 14 और 15 जनवरी को किया जा सकता है। 

 

By Molly Seth