Kalki Jayanti 2019: भगवान विष्णु श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी को 'कल्कि' अवतार लेंगे। यह अवतार कलियुग के अंत और सतयुग के संधि काल में होगा। भगवान विष्णु के होने वाले कल्कि अवतार के उपलक्ष में हर वर्ष श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी को कल्कि जयंती मनाई जाती है। देशभर में आज कल्कि जयंती मनाई जा रही है।

कल्कि अवतार की कथा

श्रीमद्भागवतपुराण में भगवान विष्णु के अवतारों की कथाओं के बारे में विस्तार से बताया गया है। श्रीमद्भागवतपुराण के 12वें स्कन्ध के द्वितीय अध्याय में भगवान के कल्कि अवतार का विवरण दिया गया है। कहा गया है कि 'सम्भल ग्राम' में विष्णुयश नामक श्रेष्ठ ब्राह्मण के पुत्र के रूप में भगवान कल्कि का जन्म होगा। उनकी माता का नाम सुमति होगा।

कल्कि 64 कलाओं में निपुण होंगे। वह देवदत्त नाम के घोड़े पर सवार होकर पापियों का संहार करेंगे और धर्म की दोबारा स्थापना करेंगे। इसके बाद सतयुग का प्रारंभ होगा। इन्हें 'निष्कलंक भगवान' भी कहा जाता है। भगवान कल्कि की दो पत्नियां होंगी— लक्ष्मी रूपी पद्मा और माता वैष्णवी शक्ति रूपी रमा। उनके पुत्र होंगे जय, विजय, मेघमाल तथा बलाहक।

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पौराणिक कथाओं के अनुसार, वन गमन के दौरान जब रावण माता सीता को हर ले गया। तब भगवान श्रीराम सीता जी को खोजते हुए समुद्र किनारे पहुंचे। तब वहां वैष्णवी नाम की एक कन्या ध्यान में बैठी थी। उसने श्रीराम से कहा कि वह आप से विवाह के लिए ही तप कर रही है। इस पर भगवान श्रीराम ने कहा रामावतार में यह संभव नहीं है, उनकी एक ही पत्नी हैं और वो हैं सीता। उन्होंने वैष्णवी को वचन दिया कि जब वे कलियुग में कल्कि अवतार लेंगे, तब उनसे विवाह करेंगे।

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Posted By: kartikey.tiwari

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