मुहूर्त के अनुसार करें पूजा

होलिका दहन का मुहूर्त विभिन्‍न स्‍थानों पर 1 मार्च को सायंकाल 06 बजकर 30 मिनट से रात्रि 08 बज कर 55 मिनट तक रहेगा। इस तरह से इसी अवधि के भीतर सभी को होलिका की पूजा करनी है। ऐसे में यदि आप अपनी राशि के लिए शुभ मुहूर्त में विधि पूर्वक कुछ विशिष्‍ठ आहुतियां देते हुए पूजा करेंगे तो सर्वश्रेष्‍ठ शुभ फल की प्राप्‍ति होगी। आइये जानें कि किस राशि वाले के लिए कौन सा मुहूर्त है सर्वोत्‍तम और वो कैसे करें पूजा। 

राशि अनुसार पूजा

मेष राशि के लोग 7 बज कर 51 मिनट से 8 बज कर 2 मिनट के बीच 9 फेरों के साथ गुड़ की आहुति देते हुए होलिका की पूजा करें। 

वृष राश‍ि के लोग होलिका के 11 फेरे लें और 8 बज कर 1 मिनट से लेकर 8 बज कर 12 मिनट के मध्‍य चीनी की आहुत‍ि देते हुए पूजा करें। 

मिथुन राशि वाले 7 बजकर 53 मिनट से लेकर 8 बजकर 4 मिनट के बीच कपूर की आहुति डालें और होलिका के 7 फेरे लें। 

कर्क के लोग सांयकाल 7.57 से लेकर 8.8 के बीच लोबान की आहुत‍ि देते हुए होलिका के 28 फेरे लें।  

सिंह राश‍ि के लोग 7 बज कर 55 मिनट से 8 बज कर 6 मिनट के बीच होलिका के 21 फेरे लें और उसमें गुड़ की आहुत‍ि दें।

कन्या राशि के लोग 7 बज कर 59 मिनट से लेकर 8 बज कर 11 मिनट के बीच कपूर की आहुत‍ि दें और 7 फेरे लें।

तुला राश‍ि वाले होलिका में कपूर की आहुत‍ि दें और होलिका के 21 फेरे लेते हुए 7 बज कर 54 मिनट से लेकर 8 बजकर 5 मिनट के बीच पूजा करें। 

वृश्चिक राशि वालों को गुड़ की आहुति देकर 7 बज कर 51 मिनट से लेकर 8 बज कर 2 मिनट के मध्‍य 28 फेरे लेकर होलिका की पूजा सम्‍पन्‍न करें। 

धनु राशि वालों को 28 फेरे लेते हुए 7 बजकर 56 से लेकर 8 बजकर 7 मिनट के बीच जौ और चने की आहुति देते हुए पूजा करनी है। 

मकर राशि वाले तिल की आहुति दें और होलिका के 15 फेरे लें। ये लोग अपनी पूजा 7 बजकर 59 मिनट से लेकर 8 बजकर 11 मिनट के बीच ही करें। 

कुम्भ राश‍ि के लोग तिल की आहुति होलिका में डालें और 7 बज कर 52 मिनट से लेकर 8 बजकर 3 मिनट के बीच 25 फेरे लेते हुए पूजा करें। 

और मीन राशि के लोग 7 बजकर 56 मिनट से 8 बज कर 7 मिनट के बीच 9 फेरे लेते हुए जौ और चना की आहुत‍ि दें। 

 

By Molly Seth