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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 23, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Ganesh Jayanti 2023: गणेश जयंती के दिन भगवान गणेश को अर्पित करें ये चीजें, मिलेगा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद

By Shivani SinghEdited By: Shivani Singh
Published: Mon, 23 Jan 2023 02:24 PM (IST)Updated: Wed, 25 Jan 2023 08:34 AM (IST)

Ganesh Jayanti 2023 गणेश जयंती का पर्व 25 जनवरी को मनाया जा रहा है। इस दिन बुधवार पड़ने के कारण ...और पढ़ें

Ganesh Jayanti 2023: गणेश जयंती के दिन भगवान गणेश को अर्पित करें ये चीजें
Ganesh Jayanti 2023: गणेश जयंती के दिन भगवान गणेश को अर्पित करें ये चीजें

नई दिल्ली, Ganesh Jayanti 2023: पंचांग के अनुसार, हर मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणेश चतुर्थी का व्रत रखा जाता है। वहीं माघ मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि काफी खास होती है। क्योंकि इस दिन भगवान गणेश प्रकट हुए थे। इसी के कारण इस दिन को गणेश जयंती के रूप में मनाया जाता है। बता दें कि चतुर्थी तिथि 24 जनवरी 2023, मंगलवार को दोपहर 03 बजकर 22 मिनट से लेकर 25 जनवरी 2023, बुधवार को दोपहर 12 बजकर 34 मिनट तक रहेगी। ऐसे में गणेश जयंती आज मनाई जा रही है। गणेश जयंती के दिन भगवान गणेश की विधिवत पूजा करने के लिए इन चीजों को अर्पित कर सकते हैं। इससे गणपति जी अति प्रसन्न होंगे।

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दुर्वा

भगवान गणेश को दुर्वा चढ़ाना काफी शुभ माना जाता है। हमेशा भगवान को जोड़े में दूर्वा चढ़ाना चाहिए। इसलिए 22 दूर्वा को जोड़े से बनाने पर 11 जोड़ा दूर्वा का तैयार होता है।

मोदक

मिठाई में भगवान गणेश को सबसे ज्यादा प्रिय मोदक है। इसलिए भगवान गणेश को मोदक का भोग जरूर लगाएं। इसके अलावा आप चाहे तो बूंदी के लड्डू भी चढ़ा सकते हैं। ये भोग लगाने से भगवान गणेश अति प्रसन्न होकर धन-धान्य की बढ़ोतरी का आशीर्वाद देते हैं।

केले

भगवान गणेश को केले अति प्रिय है। इसलिए भगवान गणेश को हमेशा जोड़े में केले ही अर्पित करें। ऐसा करने से भगवान गणेश अति प्रसन्न होते हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं।

सिंदूर

भगवान गणेश का एक रूप सिंदूर वर्ण है। इसलिए गणेश जी को सिंदूर जरूर चढ़ाएं। ऐसा करने से सुख और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।

अक्षत

गणेश जी के प्राण का प्रतीक अक्षत माना जाता है। इसलिए भगवान गणेश को अक्षत जरूर चढ़ाएं। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि अक्षत सूखे नहीं बल्कि जल से गीला करके चढ़ाएं। ऐसा करने से मान-प्रतिष्ठा की वृद्धि होती है।

डिसक्लेमर- इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।