दोपहर में हुआ था गणपति का जन्‍म

गणेश उत्सव को लेकर इस बार लोगों में खास उत्साह देखा जा रहा है क्योंकि इस बार गणेशोत्सव 10 दिन के बजाए 11 दिन का होगा और 12वें दिन यानी अनंत चतुर्दशी पर उनकी विदाई होगी। आपको बता दें कि इस वर्ष गणेशोत्सव की शुरूआत मंगलकारी रवि योग में 25 अगस्त को होगी। पंचांग के अनुसार गणेश पूजन का शुभ मुहूर्त सुबह 11बजे से शुरू होगा और दोपहर 1:40 तक रहेगा। ऐसा कहा जाता है कि गणपति का जन्म दोपहर में हुआ था। उस लिहाज से यह मुहूर्त बहुत शुभ है।

गणेश स्थापना का शुभ मुहूर्त

 

- सिंह लग्न में - सूर्योदय से लेकर सुबह 7.20 बजे तक

 

- वृश्चिक लग्न में - मध्या- 11.45 से दोपहर 2 बजे तक

 

- कुंभ लग्न में - शाम 5.50 से 7.30 बजे तक

 

- वृषभ लग्न में - रात 10.40 से 12.40 बजे तक

इसलिए 11 दिन रहेगा गणेशोत्सव

इस साल दशमी तिथि 31 अगस्त और 1 सितंबर दो दिन रहेगी। इसके चलते गणेशोत्सव इस बार 10 की बजाए 11 दिन मनाया जाएगा। 5 सितंबर को अनंत चतुर्दशी दोपहर 12.41 बजे तक रहेगी। इसके बाद 12.42 से पूर्णिमा तिथि लगेगी। इस दिन से सोलह श्राद्ध की शुरुआत भी होगी। गणेश विसर्जन 12.41 से पहले करना शास्त्र सम्मत होगा।

 

व‍िध‍िव‍त करें पूजा 

मान्‍यता है कि‍ इस खास द‍िन पर गणेश जी की पूजा व‍िध‍िव‍त करने से भगवान गणेश भक्‍तों की परेशान‍ियों को दूर करते हैं। गणेश जी हर मनोकामना पूरी करते हैं। गण्‍ोश चतुर्थी के द‍िन सुबह स्‍नान आद‍ि करके सबसे पहले घर पर एक चौकी रखें। उस पर एक लाल कपड़ा ब‍िछाकर गणेश जी को स्‍थापि‍त करें। जल, सिंदूर, रोली, अक्षत, दूब और फूलों की माला से गणेश जी की पूजा अर्चना करें। इसके बाद गणेश जी को प्रि‍य उनके मोदक का भोग लगाएं। फ‍िर आरती कर अनजाने में हुई गलत‍ियों के ल‍िए क्षमा याचना करें। 

Posted By: abhishek.tiwari