पांच चरण है प्रमुख
आज भगवान शंकर की आराधना कुछ विशेष चरणों में करेंगे तो वे अत्‍यंत प्रसन्‍न हो जायेंगे। क्‍या आप जानते हैं कि ये पूजा कितने चरणों में, कैसे की जाती है। शिव जी की पूजा में नीचे लिखे पांच चरणों का पालन करने से भोलेनाथ का आशीष और सहारा प्राप्‍त होता है। 

ये हैं क्रम 

आवाहन: सबसे पहले स्‍नान आदि करके शुद्ध मन से शिव प्रतिमा के सम्‍मुख बैठ कर सरल मन से उनका ध्‍यान करते हुए आवाहन करना चाहिए। 

अर्ध्‍य: उसके बाद शिव जी के पैर धुला कर उन्‍हें जल से अभिषेक करते हुए श्रद्धा पूर्वक अर्ध्‍य दें। 

आचमन: फिर घी, दूध, दही, शहद, शक्‍कर और अंत में पुन: शुद्ध जल के पंचामृत से स्‍नान करा कर मंत्रों सहित आचमन करायें। 

सर्मपण: इसके बाद शिव जी पर वस्‍त्र, चंदन, फल, फूल और नैवेद्य अर्पित करें। 

आरती: सबसे अंत में धूप, दीप और कपूर से शिव जी की आरती करें और भगवान का आर्शिवाद प्राप्‍त करें। 

  

By Molly Seth