सनातन धर्म में काले तिल का विशेष महत्व है। सभी धार्मिक कार्यों में काले तिल का उपयोग किया जाता है। साथ ही पूर्णिमा और अमावस्या की तिथियों को तिल दान और तर्पण किया जाता है। पितरों के तर्पण में भी तिल का उपयोग किया जाता है। वहीं, मकर संक्रांति के मौके पर तिल के लड्डू खाने का भी विधान है। इसके अलावा, षटतिला एकादशी के दिन भगवान श्रीहरि विष्णु को तिल के लड्डू का भोग लगाया जाता है। शीत ऋतू में इसका सेवन अधिक किया जाता है। लेकिन क्या आपको पता है कि तिल के चमत्कारी से आप सुख और समृद्धि पा सकते हैं ? आइए, तिल के चमत्कारी उपाय जानते हैं-

-ज्योतिषों की मानें तो कुंडली में अशुभ ग्रह की उपस्थिति और दृष्टि के चलते करियर और कारोबार में बाधा आती है। खासकर शनि, राहु और केतु के रहने से करियर में अल्प विराम लग जाता है। यह दीर्घकालीन नहीं होता है, लेकिन इसके प्रभाव से व्यक्ति परेशान हो सकता है। अगर आप कालसर्प दोष, राहु, केतु या शनि दोष से प्रभावित हैं, तो हर सोमवार और शनिवार के दिन जल में काले तिल मिलाकर शिवलिंग को अर्घ्य दें। इससे समस्त प्रकार की समस्या का समाधान होगा। वहीं, जीवन में सुख और समृद्धि का आगमन होगा।

-कई बार पितृ दोष के चलते भी जीवन में अस्थिरता आ जाती है। धार्मिक मान्यता है कि पितृ के प्रसन्न रहने से व्यक्ति जीवन में सबकुछ प्राप्त कर सकता है। अगर पितृ प्रसन्न नहीं रहते हैं, तो परिवार और जीवन में हर समय परेशानी रहती है। एक परेशानी जाने के बाद दूसरी आ जाती है। इसके लिए पितृ को प्रसन्न रखना बहुत जरूरी है। ज्योतिष पितृ को प्रसन्न करने के लिए अमावस्या और पूर्णिमा तिथियों को तिल तर्पण करने की सलाह देते हैं। साथ ही इस दान करना भी शुभ होता है।

-करियर को नया आयाम देने के लिए सूर्य और गुरु का मजबूत रहना अनिवार्य है। इसके लिए स्नान ध्यान कर तिलांजलि करना शुभ होता है। इससे सूर्य मजबूत होता है।

-शनिदेव की कृपा पाने के लिए शनिवार के दिन उनकी पूजा काले तिल और सरसों के तेल से करें। साथ ही शनिवार के दिन काले तिल का दान करें।

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Edited By: Umanath Singh