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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 01, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Shani Mantra: शनिवार को पूजा के समय जपें ये शक्तिशाली मंत्र, हर परेशानी होगी दूर और बनेंगे बिगड़े काम

By Pravin KumarEdited By: Pravin Kumar
Published: Fri, 01 Aug 2025 09:01 PM (IST)

वर्तमान समय में न्याय के देवता शनिदेव मीन राशि में उपस्थित हैं। इस राशि में शनिदेव 02 जून 2027 तक ...और पढ़ें

Shani Mantra: शनिदेव को कैसे प्रसन्न करें?
Shani Mantra: शनिदेव को कैसे प्रसन्न करें?

HighLights

  1. शनिवार का दिन शनिदेव को समर्पित होता है।
  2. शनिदेव की पूजा से मनचाही मुराद पूरी होती है।
  3. साधक भक्ति भाव से शनिदेव की पूजा करते हैं।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वैदिक पंचांग के अनुसार, शनिवार 02 अगस्त को सावन माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि है। शनिवार का दिन कर्मफल दाता शनिदेव को प्रिय है। इस शुभ अवसर पर न्याय के देवता शनिदेव की भक्ति भाव से पूजा की जाती है। साथ ही शनिवार का व्रत रखा जाता है। इस व्रत को करने से साधक पर शनिदेव की कृपा बरसती है।

धार्मिक मत है कि न्याय के देवता शनिदेव की पूजा करने से साधक को मनचाहा वर मिलता है। साथ ही करियर और कारोबार की परेशानी दूर होती है। अगर आप भी शनिदेव को प्रसन्न करना चाहते हैं, तो सावन शनिवार के दिन भक्ति भाव से शनिदेव की पूजा करें। वहीं, पूजा के समय शनिदेव के नामों का जप करें।

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शनिदेव के 108 नाम

  1. ऊँ शनैश्चराय नमः
  2. ऊँ शान्ताय नमः
  3. ऊँ सर्वाभीष्टप्रदायिने नमः
  4. ऊँ शरण्याय नमः
  5. ऊँ वरेण्याय नमः
  6. ऊँ सर्वेशाय नमः
  7. ऊँ सौम्याय नमः
  8. ऊँ सुरवन्द्याय नमः
  9. ऊँ सुरलोकविहारिणे नमः
  10. ऊँ सुखासनोपविष्टाय नमः
  11. ऊँ सुन्दराय नमः
  12. ऊँ घनाय नमः
  13. ऊँ घनरूपाय नमः
  14. ऊँ घनाभरणधारिणे नमः
  15. ऊँ घनसारविलेपाय नमः
  16. ऊँ खद्योताय नमः
  17. ऊँ मन्दाय नमः
  18. ऊँ मन्दचेष्टाय नमः
  19. ऊँ महनीयगुणात्मने नमः
  20. ऊँ मर्त्यपावनपदाय नमः
  21. ऊँ महेशाय नमः
  22. ऊँ छायापुत्राय नमः
  23. ऊँ शर्वाय नमः
  24. ऊँ शततूणीरधारिणे नमः
  25. ऊँ चरस्थिरस्वभा वाय नमः
  26. ऊँ अचञ्चलाय नमः
  27. ऊँ नीलवर्णाय नम:
  28. ऊँ नित्याय नमः
  29. ऊँ नीलाञ्जननिभाय नमः
  30. ऊँ नीलाम्बरविभूशणाय नमः
  31. ऊँ निश्चलाय नमः
  32. ऊँ वेद्याय नमः
  33. ऊँ विधिरूपाय नमः
  34. ऊँ विरोधाधारभूमये नमः
  35. ऊँ भेदास्पदस्वभावाय नमः
  36. ऊँ वज्रदेहाय नमः
  37. ऊँ वैराग्यदाय नमः
  38. ऊँ वीराय नमः
  39. ऊँ वीतरोगभयाय नमः
  40. ऊँ विपत्परम्परेशाय नमः
  41. ऊँ विश्ववन्द्याय नमः
  42. ऊँ गृध्नवाहाय नमः
  43. ऊँ गूढाय नमः
  44. ऊँ कूर्माङ्गाय नमः
  45. ऊँ कुरूपिणे नमः
  46. ऊँ कुत्सिताय नमः
  47. ऊँ गुणाढ्याय नमः
  48. ऊँ गोचराय नमः
  49. ऊँ अविद्यामूलनाशाय नमः
  50. ऊँ विद्याविद्यास्वरूपिणे नमः
  51. ऊँ आयुष्यकारणाय नमः
  52. ऊँ आपदुद्धर्त्रे नमः
  53. ऊँ विष्णुभक्ताय नमः
  54. ऊँ वशिने नमः
  55. ऊँ विविधागमवेदिने नमः
  56. ऊँ विधिस्तुत्याय नमः
  57. ऊँ वन्द्याय नमः
  58. ऊँ विरूपाक्षाय नमः
  59. ऊँ वरिष्ठाय नमः
  60. ऊँ गरिष्ठाय नमः
  61. ऊँ वज्राङ्कुशधराय नमः
  62. ऊँ वरदाभयहस्ताय नमः
  63. ऊँ वामनाय नमः
  64. ऊँ ज्येष्ठापत्नीसमेताय नमः
  65. ऊँ श्रेष्ठाय नमः
  66. ऊँ मितभाषिणे नमः
  67. ऊँ कष्टौघनाशकर्त्रे नमः
  68. ऊँ पुष्टिदाय नमः
  69. ऊँ स्तुत्याय नमः
  70. ऊँ स्तोत्रगम्याय नमः
  71. ऊँ भक्तिवश्याय नमः
  72. ऊँ भानवे नमः
  73. ऊँ भानुपुत्राय नमः
  74. ऊँ भव्याय नमः
  75. ऊँ पावनाय नमः
  76. ऊँ धनुर्मण्डलसंस्थाय नमः
  77. ऊँ धनदाय नमः
  78. ऊँ धनुष्मते नमः
  79. ऊँ तनुप्रकाशदेहाय नमः
  80. ऊँ तामसाय नमः
  81. ऊँ अशेषजनवन्द्याय नमः
  82. ऊँ विशेशफलदायिने नमः
  83. ऊँ वशीकृतजनेशाय नमः
  84. ऊँ पशूनां पतये नमः
  85. ऊँ खेचराय नमः
  86. ऊँ खगेशाय नमः
  87. ऊँ घननीलाम्बराय नमः
  88. ऊँ काठिन्यमानसाय नमः
  89. ऊँ आर्यगणस्तुत्याय नमः
  90. ऊँ नीलच्छत्राय नमः
  91. ऊँ नित्याय नमः
  92. ऊँ निर्गुणाय नमः
  93. ऊँ गुणात्मने नमः
  94. ऊँ निरामयाय नमः
  95. ऊँ निन्द्याय नमः
  96. ऊँ वन्दनीयाय नमः
  97. ऊँ धीराय नमः
  98. ऊँ दिव्यदेहाय नमः
  99. ऊँ दीनार्तिहरणाय नमः
  100. ऊँ दैन्यनाशकराय नमः
  101. ऊँ आर्यजनगण्याय नमः
  102. ऊँ क्रूराय नमः
  103. ऊँ क्रूरचेष्टाय नमः
  104. ऊँ कामक्रोधकराय नमः
  105. ऊँ कलत्रपुत्रशत्रुत्वकारणाय नमः
  106. ऊँ परिपोषितभक्ताय नमः
  107. ऊँ परभीतिहराय नमः
  108. ऊँ भक्तसंघमनोऽभीष्टफलदाय नमः

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