ज्ञान और विद्या की देवी सरस्‍वती की करें पूजा

मां सरस्वती की कृपा से ही विद्या, बुद्धि, वाणी और ज्ञान की प्राप्ति होती है। शिक्षार्थीयों के लिए सरस्वती देवी के मंत्र बहुत फलदायी कहे गए हैं। इनके द्वारा सरस्वती साधना करने से साधक को स्मरण शक्ति, बुद्धि, विद्या और अच्छा स्वास्थ्य सभी कुछ प्राप्त होता है। विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षा मे भाग लेने वाले व्यक्तियों को मां सरस्वती के कुछ मंत्रों का जाप अवश्य करना चाहिए।

 

कैसे करें प्रार्थना

मां सरस्‍वती की पूजा उनकी प्रार्थना से प्रारंभ करें और इस श्‍लोक से उन्‍हें प्रणाम करें। 

या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता,

या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना।

या ब्रह्माच्युत शंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता,

सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा।

इसका अर्थ है कि विद्या की देवी भगवती सरस्वती जो कुन्द के फूल, चन्द्रमा, हिमराशि और मोती के हार की तरह धवल वर्ण की हैं और जो श्वेत वस्त्र धारण करती हैं, जिनके हाथ में वीणा-दण्ड शोभायमान है, जिन्होंने श्वेत कमलों पर आसन ग्रहण किया है तथा ब्रह्मा, विष्णु एवं शंकर शङ्कर आदि देवताओं द्वारा जो सदा पूजित हैं, वही सम्पूर्ण जड़ता और अज्ञान को दूर कर देने वाली मां सरस्वती हमारी रक्षा करें।

इन मंत्रों का भी जाप करें

इसके पश्‍चात माता को धूप, दीप और नैवेद्य अर्पण करते हुए इन मंत्रों का जाप करें। शारदा शारदाभौम्वदना। वदनाम्बुजे। सर्वदा सर्वदास्माकमं सन्निधिमं सन्निधिमं क्रिया तू। श्रीं ह्रीं सरस्वत्यै स्वाहा। ऊं ह्रीं ऐं ह्रीं सरस्वत्यै नमः।, ये माता का मूल मंत्र है। मां सरस्वती के सरल मंत्र भी महत्‍वपूर्ण हैं इनका पाठ नित्य करने से विद्या और बुद्धि में वृद्धि होती है। ये मंत्र इस प्रकार हैं ऊं ऐं ह्रीं श्रीं वीणा पुस्तक धारिणीम् मम् भय निवारय निवारय अभयम् देहि देहि स्वाहा और ऐं नमः भगवति वद वद वाग्देवि स्वाहा।

 

By Molly Seth