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Bahula Chaturthi 2019: भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी बहुला चतुर्थी या बहुला चौथ कहलाती है, जो इस वर्ष 19 अगस्त दिन सोमवार को पड़ रही है। इस व्रत को पुत्रवती स्त्रियां अपने पुत्रों की रक्षा के लिए करती हैं। वस्तुत: यह गौ पूजा और सत्य वचन की मर्यादा का पर्व है। माता की भांति अपना दूध पिलाकर गौ माता मनुष्य की रक्षा करती है, उसी कृतज्ञता के भाव से इस व्रत को सभी को करना चाहिए। यह व्रत सन्तान का दाता तथा ऐश्वर्य को बढ़ाने वाला है।

व्रत एवं पूजा विधि

बहुला चतुर्थी के दिन गाय के दूध से बनी हुई कोई भी सामग्री नहीं खानी चाहिए। गाय के दूध पर उसके बछड़े का अधिकार समझना चाहिए। दिन भर व्रत करके संध्या के समय सवत्सा गौ की पूजा की जाती है। पुरवे (कुल्हड़) पर पपड़ी आदि रखकर भोग लगाया जाता है और पूजन के बाद उसी का भोजन किया जाता है।

पूजन के बाद निम्न श्लोक का पाठ किया जाता है-

या: पालयन्त्यनाथांश्च परपुत्रान् स्वपुत्रवत्।

ता धन्यास्ता: कृतार्थाश्च तास्त्रियो लोकमातर:।।

व्रत का उद्देश्य

बहुला चतुर्थी व्रत का उद्देश्य यह है कि हमें सत्य प्रतिज्ञ होना चाहिए। इस व्रत का पालन करने वाले को सत्य धर्म का अवश्य पालन करना चाहिए। साथ ही अनाथ की रक्षा करने से सभी मनोरथ पूर्ण हो जाते हैं।

चन्द्रोदय- रात्रि 9 बजे

— ज्योतिषाचार्य पं. गणेश प्रसाद मिश्र

Posted By: kartikey.tiwari

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