Bada Mangal 2021 Puja: हिन्दी पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ महिने के प्रत्येक मंगलवार को बड़ा मंगलवार कहा जाता है। इस दिन भगवान श्री राम के परम भक्त हनुमान जी पूजा की जाती है। ज्येष्ठ महिने के मंगलवार को बड़ा मंगल या कहीं-कहीं क्षेत्रिय भाषा में इस दिन को बुड़वा मंगल भी कहते हैं। इस साल ज्येष्ठ का पहला मंगलवार 01 जून को था, आज 08 जून को दूसरा बड़ा मंगलवार है। हिंदू धर्म में हनुमान जी की पूजा का बहुत महत्व है। ऐसा माना जाता है कि हनुमान जी की पूजा से भक्तों के सभी दुख दूर हो जाते हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार, अपने आराध्य भगवान श्रीराम की आज्ञा का पालन करते हुए हनुमान जी आज भी पृथ्वी पर ही रहते हैं और अपने भक्तों का कल्याण करते हैं।

शास्त्रों में हनुमानजी की आराधना को सबसे जल्दी फल देने वाली पूजा बताया गया है। ऐसा माना जाता है कि अगर मंगलवार के दिन हनुमानजी को प्रसन्न करने के लिए कुछ खास उपाय किए जाएं तो कुछ ही वक्त में आपकी किस्मत बदल सकती है। ये खास उपाय आपकी हर मनोकामना को पूरी कर, सभी कष्टों को दूर भी कर सकते हैं।

1. बड़े मंगलवार के दिन हनुमानजी को चोला चढ़ाना भी बहुत लाभकारी माना गया है। हनुमानजी को चोला चढ़ाने से पहले स्नान आदी से निवृत होकर और साफ कपड़े पहनें। पूजा में लाल रंग की धोती पहनना शुभ माना गया है। चोला चढ़ाते वक्त चमेली के तेल का दीपक हनुमानजी के सामने जलाएं। चोला चढ़ाने के बाद हनुमानजी को गुलाब की माला अर्पित करें और हनुमानजी की मूर्ति के दोनों कंधों पर थोड़ा-थोड़ा केवड़े का इत्र लगाएं। इसके बाद पान के पत्ते पर थोड़ा गुड़ और चना रख कर हनुमानजी को भोग लगाएं। भोग के बाद थोड़ी देर पूजा के स्थान पर बैठकर तुलसी की माला से नीचे लिखे मंत्र का जप करें। माला जाप कम से कम 5 बार जरूर करें।

मंत्र-

'राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे।

सहस्त्र नाम तत्तुन्यं राम नाम वरानने।।'

2. बड़े मंगलवार के दिन सुबह स्नान आदि से निवृत होकर बड़ के पेड़ का एक पत्ता तोड़ें और इसे साफ पानी से धोने के बाद कुछ देर हनुमानजी के सामने रखें। इसके बाद इस पत्ते पर केसर से श्रीराम लिखें और अपने पर्स में रख लें। मान्यता है कि इस उपाय से आपके पर्स में बरकत बनी रहती है और जब ये पत्ता पूरी तरह से सूख जाए तो पत्ते को नदी की धारा में प्रवाहित कर दें।

3. बड़े मंगलवार की शाम किसी ऐसे मंदिर में पूजा करें, जहां भगवान श्रीराम और हनुमानजी दोनों की एक साथ स्थापना हो, वहां श्रीराम और हनुमानजी के सामने देशी घी के दीप जलाएं। पूजा के बाद वहीं श्री राम की मूर्ती के सामने बैठकर हनुमान चालीसा और हनुमानजी की मूर्ती के सामने बैठकर राम रक्षास्त्रोत का पाठ करें। ऐसा करने से भगवान श्रीराम और हनुमानजी दोनों का ही आशीर्वाद आपको प्राप्त होगा।

डिसक्लेमर

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