विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 08, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Anant Chaturdashi Vrat 2022: अनंत चतुर्दशी पर बन रहा है दुर्लभ संयोग, जानें तिथि, शुभ मुहूर्त और मंत्र

By Ruhee ParvezEdited By:
Published: Thu, 08 Sep 2022 06:37 PM (IST)

Anant Chaturdashi Vrat 2022 9 सितंबर 2022 को अनंत चतुर्दशी पर्व मनाया जाएगा। इस दिन अत्यंत शुभ योग का निर्माण ...और पढ़ें

Anant Chaturdashi 2022: अनंत चतुर्दशी के दिन गणेश चतुर्थी पर्व का भी समापन हो रहा है।
Anant Chaturdashi 2022: अनंत चतुर्दशी के दिन गणेश चतुर्थी पर्व का भी समापन हो रहा है।

नई दिल्ली, Anant Chaturdashi 2022: 9 सितंबर 2022 के अनंत चतुर्दशी का पावन पर्व मनाया जाएगा। पंचांग के अनुसार भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को यह पर्व मनाया जाता है। यह दिन इसलिए विशेष माना जाता है क्योंकि इस भगवान विष्णु के अनंत रूपों की विधिवत पूजा की जाती है। हिन्दू धर्म में इस पर्व का महत्व इसलिए बहुत अधिक है क्योंकि इस दिन गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi 2022) महापर्व का समापन हो जाता है और धूम-धाम से बप्पा को विदा किया जाता है। इस वर्ष अनंत चतुर्दशी के दिन अत्यंत शुभ संयोग का निर्माण हो रहा है जिससे भक्तों को बहुत लाभ मिलेगा। आइए जानते हैं क्या है इस दिन का महत्व और शुभ मुहूर्त।

अनंत चतुर्दशी 2022 शुभ मुहूर्त (Anant Chaturdashi 2022 Shubh Muhurat)

अनंत चतुर्दशी तिथि प्रारम्भ : 08 सितंबर 2022 को रात 09:02 से

अनंत चतुर्दशी तिथि समाप्त: 09 सितंबर को शाम 06:07 बजे तक

पूजन का शुभ मुहूर्त: सुबह 06:10 मिनट से शाम 06:07 मिनट तक

अनंत चतुर्दशी पर बन रहा शुभ योग (Anant Chaturdashi 2022 Shubh Yoga)

इस वर्ष अनंत चतुर्दशी पर्व पर अत्यंत शुभ योग का निर्माण हो रहा है। इस योग में में भगवान विष्णु की पूजा करने से भक्तों को धन और ऐश्वर्य का आशीर्वाद प्राप्त होगा। हिन्दू पंचांग के अनुसार इस दिन रवि योग और सुकर्मी योग का निर्माण हो रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस योग में किए गए कार्यों का परिणाम बहुत ही शुभ होता है और व्यक्ति को जीवन में सफलता प्राप्त होती है। इसके साथ यह भी बताया गया है कि रवि योग में विधि-विधान से की गई पूजा से भक्तों को भगवान से दोगुना आशीर्वाद प्राप्त होता है।

भगवान विष्णु का चमत्कारी मंत्र (Bhagwan Vishnu Mantra)

शांताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं

विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्णं शुभांगम।

लक्ष्मीकांतं कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यं

वंदे विष्‍णुं भवभयहरंसर्वलोकैकनाथम्।।

इन मंत्रों का भी करें जाप

  • ॐ अं वासुदेवाय नम:

  • ॐ आं संकर्षणाय नम:

  • ॐ अं प्रद्युम्नाय नम:

  • ॐ अ: अनिरुद्धाय नम:

  • ॐ नारायणाय नम:

डिसक्लेमर

इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।