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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 09, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Aja Ekadashi Vrat 2023: इन गलतियों के कारण टूट सकता है अजा एकादशी का व्रत, जरूर रखें ध्यान

By Suman SainiEdited By: Suman Saini
Published: Sat, 09 Sep 2023 10:17 AM (IST)

Aja Ekadashi 2023 vrat हिंदू धर्म में एकादशी तिथि विशेष रखती है। ठीक उसी प्रकार भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष ...और पढ़ें

Aja Ekadashi 2023 vrat इन गलतियों को करने से टूट सकता है अजा एकादशी का व्रत।
Aja Ekadashi 2023 vrat इन गलतियों को करने से टूट सकता है अजा एकादशी का व्रत।

HighLights

  1. 10 सितंबर 2023, रविवार के दिन रखा जाएगा अजा एकादशी व्रत।
  2. भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को मनाई जाती है अजा एकादशी।
  3. इन गलतियों को करने से बचें, वरना टूट सकता है अजा एकादशी का व्रत।

नई दिल्ली, अध्यात्म डेस्क। Aja Ekadashi 2023: सनातन धर्म में एकादशी तिथि जगत के पालनहार भगवान विष्णु को समर्पित है। इस दिन व्रत और भगवान विष्णु की पूजा करने से उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है। साथ ही सभी मनोकामनाएं भी पूर्ण होती हैं। इस साल अजा एकादशी का व्रत 10 अगस्त 2023, रविवार दिन किया जाएगा।

अजा एकादशी का महत्व (Aja Ekadashi importance)

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अजा एकादशी के दिन व्रत और भगवान विष्णु के साथ मां लक्ष्मी की पूजा करने से आय, आयु और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। साथ ही सभी प्रकार के शारीरिक और मानसिक कष्ट से भी छुटकारा मिलता है। साथ ही यह भी माना जाता है कि इस दिन श्री हरि का नाम जपने से पिशाच योनि का भय नहीं रहता।

न पहनें इस रंग के वस्त्र

अजा एकादशी के दिन भूलकर भी काले रंग के वस्त्र धारण नहीं करने चाहिए। इसके स्थान पर भगवान विष्णु के प्रिय रंग अर्थान पीले रंग के वस्त्र धारण करने चाहिए। इसी प्रकार पूजा में भी पीले फूल, पीले फल, पीली मिठाई आदि का इस्तेमाल करना शुभ माना गया है।  

भोग में जरूर डालें तुलसी

भगवान विष्णु को तुलसी अति प्रिय है। ऐसे में उनका कोई भी भोग तुलसी के बिना अधूरा माना जाता है। इसलिए अजा एकादशी के दिन भी भोग में तुलसी का इस्तेमाल अवश्य करें। लेकिन ध्यान रखें कि रविवार और एकादशी तिथि को तुलसी दल उतारना वर्जित माना जाता है। ऐसे में तुलसी के पत्ते एक दिन पहले ही उतार लें।

एकादशी तिथि पर न ग्रहण करें ये चीज

एकादशी तिथि के दिन चावल खाना वर्जित माना गया है। इससे आपका व्रत टूट सकता है। यह नियम केवल व्रत करने वालों के लिए ही नहीं है बल्कि घर में किसी को भी चावल का सेवन नहीं करना चाहिए।

इस गलती से बचें

अजा एकादशी को दिन में सोना भी शुभ नहीं माना जाता। ऐसा करने से साधन का व्रत टूट सकता है। इसके स्थान पर श्री हरि का ध्यान और भजन कीर्तन करना चाहिए। साथ ही भगवान विष्णु के मंत्र का जाप तुलसी या पीले चंदन की माला से करें।

 

डिसक्लेमर: 'इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।'