विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 22, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Sawan 2025: इस मंदिर में लगती है भक्तों की लंबी कतार, पूरी होती है सच्चे दिल से मांगी मुराद

Published: Tue, 22 Jul 2025 10:54 AM (IST)

सावन सोमवार के दिन के दिन व्रत करना और शिवलिंग पर जल अर्पित करना बहुत ही शुभ माना गया है। ...और पढ़ें

Sawan 2025: दूर-दूर तक फैली है छतरी वाले शिव मंदिर की मान्यता।
Sawan 2025: दूर-दूर तक फैली है छतरी वाले शिव मंदिर की मान्यता।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। मोदीनगर के छतरी वाले शिव मंदिर की गिनती क्षेत्र में मुख्य शिव मंदिरों में होती है। यहां महादेव के अलावा देवी दुर्गा, भगवान सत्यनारायण, हनुमान, राधा-कृष्ण की मूर्तियां विराजमान हैं। छतरी वाले मंदिर के भगवान शिव की महिमा काफी प्रसिद्ध है। श्रावण मास में कांवड़ यात्रा के दौरान आसपास के कांवड़िये यहां जल चढ़ाते हैं।

शिवाजी महाराज से जुड़ा है इतिहास

छतरी वाला मंदिर से जुड़े लोग बताते हैं कि मंदिर कई सौ वर्ष पुराना है। इसकी जड़ें मराठा इतिहास तक जाती है। मान्यता है कि एक बार छत्रपति शिवाजी महाराज यहां होकर गुजर रहे थे। उस दौरान उन्होंने मोदीनगर के पास रात्रि विश्राम किया था।

तब शिवाजी महाराज ने मंदिर में दर्शन किए व मंदिर पर छत्र चढ़ाया। इसके बाद से यह मंदिर छतरी वाले मंदिर के नाम से विख्यात हो गया। मोदीनगर के लोग मंदिर से जुड़ी कई चमत्कारिक कहानियां सुनाते हैं।

(छतरी वाला शिव मंदिर)

मंदिर की विशेषताएं

प्राचीन छतरी वाला मंदिर अहम शिवालयों में गिना जाता है। मंदिर की मोदीनगर के अलावा दूर-दूर तक मान्यता है। श्रद्धालुओं का कहना है कि सच्चे दिल से मांगी गई मुराद को महादेव जरूर पूरा करते हैं। प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में लोग यहां भगवान के दर्शन के लिए आते हैं।

सावन माह में यहां पूरे दिन श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रहती है। मोदीनगर बस स्टैंड के पास होने के चलते भक्त बस, आटो व अन्य किसी माध्यम से सहजता से यहां पहुंच सकते हैं।

यह भी पढ़ें- Lete Hanuman Mandir: संगम किनारे क्यों मिलती है लेटे हुए हनुमान जी की प्रतिमा? जानिए पौराणिक कथा

(Picture Credit: Freepik)

ठीक हो जाते हैं असाध्य रोग

मंदिर के पुजारी वीरेंद्र पांडेय बताते हैं कि शिवरात्रि पर दूर-दूर से श्रद्धालु यहां पर महादेव के दर्शन करने के लिए आते हैं। मान्यता है कि मंदिर में महादेव से मांगी गई इच्छा जरूर पूरी होती है। यह भी मान्यता है कि बहुत भक्तों के असाध्य रोग भी देवी के दर्शन के बाद ठीक हुए हैं। अक्सर यहां आने वाले श्रद्धालु देवी के चमत्कारों के बारे में बताते हैं।

वहीं एक भक्त महेश तायल का कहना है कि लंबे समय से मंदिर में महादेव के दर्शन के लिए मंदिर आ रहे हैं। मान्यता है कि जीवन में जब कोई कठिनाई आती है तो उसे महादेव तुरंत ही दूर करते हैं। छतरी वाले मंदिर से लोगों की आस्था जुड़ी है। 

यह भी पढ़ें- Sawan 2025: कौशांबी का प्राचीन सनातन धर्म मंदिर जहां पूरी होती है हर मनोकामना, जानिए महत्व