जयपुर। राजस्थान के अजमेर जिले में एक छोटा गांव है - देवमाली। यहां लोग मकान बनाने में कंक्रीट और लोहे का उपयोग नहीं करते। इनका मानना है कि कंक्रीट की पक्की छत बनाने से गांव में आपदा आ सकती हैं।

गांव में सारे मकान कच्चे हैं। ज्यादातर घरों में चूल्हे पर खाना पकाजा जाता है। कुछ घरों में बिजली का कनेक्शन हैं, लेकिन ये लोग कूलर आदि का इस्तेमाल नहीं करते।

यह गुर्जरों का गांव है और पूरे गांव की जमीन भगवान देवनारायण के नाम से रजिस्टर्ड है। बताया जाता है कि यहां किसी ने एक पक्का मकान बनाने की कोशिशि की थी, लेकिन सप्ताह भर में ही वह ढह गया।

अच्छी बात यह है कि यहां के लोग मकानों पर ताले नहीं लगाते हैं और पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार 50 साल में चोरी या लूट का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ।

लोग कहते हैं कि हम भगवान देवनारायण को मानते हैं तथा उन्हीं की नियमों पर चलते हैं। युवाओं को भी इन नियमों के उल्लंघन की इजाजत नहीं है। गांव में अस्सी परिवार रहते हैं और कोई भी शराब या मांसाहार का उपयोग नहीं करता।

Posted By: Preeti jha

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