प्रसिद्ध गणेश मंदिर 

खजराना मंदिर इन्दौर का प्रसिद्ध गणेश मंदिर है। यह मंदिर विजय नगर से कुछ दूरी पर खजराना चौक के पास में स्थित है। इस मंदिर का निर्माण अहिल्या बाई होल्कर ने करवाया था। मंदिर में भगवान गणपति की मुख्य मूर्ति केवल सिन्दूर द्वारा निर्मित है। इस मंदिर में गणेश जी के अतिरिक्त माता दुर्गा जी, महाकालेश्वर की भूमिगत शिवलिंग, गंगा जी की मगरमच्छ पर जलधारा मूर्ति, लक्ष्मी जी का मंदिर, साथ ही हनुमान जी के भी मंदिर है। 

शनि और सांई का भी स्‍थान

गणेश जी के अतिरिक्‍त यहां पर शनि देव और साई नाथ का भी भव्य मंदिर विराजमान है। यही कारण है इस स्‍थान पर आने वाले इतने सारे देवताओं के बीच अपने को देवलोक में भ्रमण करता हुआ अनुभव करते हैं। मंदिर की सारी व्यवस्था बहुत ही उत्तम कोटि की है। इस मंदिर में 10,000 से अधिक लोग प्रति दिन दर्शन करते है। मंदिर परिसर में मुख्य मंदिर के अतिरिक्त अन्य 33 अन्‍य छोटे-बड़े हैं।

कलश से हुए प्रकट 

इस मंदिर के बारे में एक कथा काफी प्रचलित है कि सन 1735 के करीब पंडित मंगल भट्ट के स्वप्न में गणेश जी आए थे, और उन्होंने इस स्थान से प्रकट होकर जनता का उद्धार करने की बात कही थी। इसके बाद एक कलश श्री गणेश प्रकट हुए और उनका मंदिर पूर्ण विधिविधान से स्थापित किया गया। तब से यहां देश ही नहीं विदेश से भी श्रद्धालुजन अपना शीर्ष नवाने आते रहे हैं। 

मनोकामना पूरा करने वाला मंदिर

इस मंदिर के बारे में प्रसिद्ध है कि यहां हर किसी की मुराद पूरी होती है। यहां जो भी भक्त अपनी मनोकामना की पूर्ति के लिये गणेश जी के पीठ पर उल्टा स्वास्तिक बनाता है, गणपति जी उसकी मनोकामना पूर्ण करते हैं। मनोकामना पूर्ण होने के पश्चात पुनः सीधा स्वास्तिक बनाने भक्‍त यहां आते हैं। इसी तरह मुराद मन में रखकर यहां धागा बांधने की भी परंपरा है। इच्‍छा पूर्ण होने पर वह धागा खोल दिया जाता है।

 

By Molly Seth