बस्ती जिले में छोटे-बड़े कई मंदिर है। कुछ प्रमुख मंदिर है जैसे-

बेहिल नाथ मंदिर - बनकटी विकास खंड के बस्ती शहर से सोलहवें किमी पर स्थित बेहिलनाथ मंदिर प्राचीन कालीन है। कहा जाता है कि यह बौद्ध काल का मंदिर है।

अष्टकोणीय अर्घा में स्थापित शिवलिंग अपने आप में अनूठा है। इस स्थान पर प्राचीन टीले हैं जिनकी खुदाई हो तो यहां का संपन्न इतिहास के बारे में पता चलेगा।

थालेश्वरनाथ मंदिर- बनकटी से तीन किलोमीटर उत्तर थाल्हापार गांव में स्थित यह मंदिर प्राचीन कालीन है। गांव से पंद्रह मीटर ऊचाई पर स्थित यह मंदिर पर्यटन विभाग की सूची में दर्ज है तथा यहां पर्यटकों के ठहरने के लिए सरकार की ओर से चार कमरे भी बनाए गए हैं।

मोक्षेश्वरनाथ मंदिर- लालगंज में कुआनो मनोरमा नदी के संगम पर स्थित इस मंदिर पर प्रतिवर्ष चैतपूर्णिमा पर तीन दिन का मेला लगता है। जहां दूर-दूर से श्रद्वालु आते हैं। मंदिर प्राचीन काल का है।

श्रृंगीनारी मंदिर- यह मंदिर श्रृंगी्ऋषि की तपस्या स्थली के रूप में प्रसिद्ध है। इस मंदिर का इतिहास त्रेता काल का बताया जाता है। भगवान राम की उत्पत्ति से इस मंदिर के इतिहास को जोडा जाता है। मंदिर परशुरामपुर ब्लाक में स्थित है।

मखौडाधाम- मखौडा धाम अथवा मखभूमि में ही राजा दशरथ ने पुत्रेष्टि यज्ञ किया था। श्रृंगी ऋषि द्वारा इसी स्थान पर यज्ञ संपन्न कराया गया था। परशुरामपुर ब्लाक क्षेत्र में स्थित इस मंदिर में भगवान राम परिवार सहित विराजमान हैं। यहां प्रतिवर्ष चैत्र पूर्णिमा पर मेला लगता है।

अमौली हनुमान मंदिर- विक्त्रमजोत ब्लाक के अमौली गांव में स्थित हनुमान जी का यह मंदिर 12वीं सदी का बताया जाता है। यहां पर दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शन को आते हैं।

हनुमानबाग मंदिर- दुबौलिया ब्लाक में स्थित इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि भगवान राम के अयोध्या राज्य के उत्तरी सीमा की रखवाली हनुमानजी यहीं रह कर करते थे। चौरासी कोसी परिक्त्रमा के दौरान श्रद्धालु यहां एक रात्रि विश्राम करते हैं।

लोहवा शिवमंदिर- भानपुर तहसील के बडोखर बाजार में स्थित इस मंदिर पर शिवरात्रि के दिन विशाल मेला लगता है।

बाराह कुंड- भगवान बाराह के नाम पर यहां एक कुंड है जिसमें श्रद्धालु स्नान करते हैं तथा भगवान की आराधना करते हैं। कहा जाता है कि भगवान विष्णु ने बाराह रूप धारण कर पृथ्वी को बचाने के लिए यहीं से अभियान शुरू किया था।

झुंगीनाथ मंदिर- कप्तानगंज दुबौलिया मार्ग पर झुंगीनाथ गांव में स्थित शिवमंदिर महाभारत कालीन बताया जाता है। जनश्रुति है कि अज्ञातवास के दौरान पांडवों ने यहां पर पूजन किया था।

भदेश्वरनाथ मंदिर- बस्ती शहर से पांच किलोमीटर दक्षिण कुआनो तट पर स्थित भगवान शिव का यह मंदिर अति प्राचीन है। मान्यता है कि यहां स्थित शिवलिंग की पूजा लंका के राजा रावण ने की थी।

कणर मंदिर- बस्ती चीनी मिल के पार्श्व में स्थित यह शिवमंदिर भी प्राचीनतम मंदिरों में शुमार है।

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