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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 18, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Chandra Grahan 2025: भाद्रपद पूर्णिमा पर पड़ेगा चंद्र ग्रहण, इन राशियों को रहना होगा बेहद सावधान

Published: Mon, 18 Aug 2025 06:00 PM (IST)

07 सितंबर को रात 09 बजकर 58 मिनट से चंद्र ग्रहण (Chandra Grahan 2025) शुरू होगा। वहीं देर रात 01 ...और पढ़ें

Chandra Grahan 2025: चंद्र ग्रहण के दिन क्या करें और क्या न करें?
Chandra Grahan 2025: चंद्र ग्रहण के दिन क्या करें और क्या न करें?

HighLights

  1. 07 सितंबर के दिन भाद्रपद पूर्णिमा है।
  2. पूर्णिमा के दिन विष्णु जी की पूजा की जाती है।
  3. भगवान विष्णु की पूजा से सुखों में वृद्धि होती है।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वैदिक पंचांग के अनुसार, रविवार 07 सितंबर को भाद्रपद पूर्णिमा (Chandra Grahan 2025 Date) है। इस शुभ अवसर पर स्नान-ध्यान कर लक्ष्मी नारायण जी की पूजा की जाती है। साथ ही पूर्णिमा का व्रत रखा जाता है। इस साल भाद्रपद पूर्णिमा पर साल का दूसरा चंद्र ग्रहण लगने वाला है।

साल का दूसरा चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा। इसके लिए सूतक भी मान्य होगा। ज्योतिषियों की मानें तो साल के दूसरे चंद्र ग्रहण के दिन 2 राशि के जातकों को सावधान रहने की जरूरत है। अनदेखी करने से जातक पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। आइए, इन राशियों के बारे में जानते हैं।

कुंभ राशि

भाद्रपद पूर्णिमा के दिन कुंभ राशि के जातकों को बेहद सावधान रहने की जरूरत है। इस शुभ तिथि पर चंद्र देव कुंभ राशि में विराजमान रहेंगे। हालांकि, पूर्व से राहु कुंभ राशि में उपस्थित हैं। अतः चंद्र और राहु की युति से कुंभ राशि के जातकों पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। मानसिक तनाव की समस्या होगी। किसी से विवाद हो सकता है। मन भ्रमित रहेगा।

चाहकर भी शुभ कामों में सफलता नहीं मिलेगी। कुछ करने की सोचेंगे, तो रूकावट आ सकती है। मन में भय बना रहेगा। राहु की कुदृष्टि से बचाव के लिए भगवान शिव के नामों का जप करने की सलाह है। आप चाहे तो महामृत्युंजय मंत्र का भी जप कर सकते हैं।

कर्क राशि

कर्क राशि के जातकों के लिए भी चंद्र ग्रहण शुभ नहीं रहने वाला है। आपको कई अनचाहे फल प्राप्त होंगे, जिससे मन अशांत रहेगा। कारोबार से जुड़े लोग परेशानी का सामना करेंगे। मन में अकारण बैचेनी रहेगी। इस वजह से किसी से कहासुनी हो सकती है।

ज्यादा बोलने से कोई प्रभावित हो सकता है। विषय वासना में मन लिप्त रहेगा। शुभ काम में बाधा आएगी। माता जी की सेहत अच्छी नहीं रह सकती है। शारीरिक कष्ट हो सकता है। सेहत का ध्यान रखना होगा। चंद्र देव की कृपा पाने के लिए शिव पंचाक्षरी मंत्र का जप करें।

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