यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 17, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Indira Ekadashi 2025 Date: कब मनाई जाएगी परिवर्तिनी और इंदिरा एकादशी? यहां जानें शुभ मुहूर्त एवं योग
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HighLights
- एकादशी तिथि भगवान विष्णु को समर्पित होता है।
- इस दिन भगवान विष्णु की पूजा एवं भक्ति की जाती है।
- भगवान विष्णु की पूजा से हर कामना पूरी होती है।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन धर्म में एकादशी तिथि का खास महत्व है। एकादशी तिथि जगत के पालनहार भगवान विष्णु को समर्पित है। इस शुभ अवसर पर लक्ष्मी नारायण जी की भक्ति भाव से पूजा की जाती है। साथ ही उनके निमित्त एकादशी का व्रत रखा जाता है। इस व्रत की महिमा शास्त्रों में निहित है।
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धार्मिक मत है कि एकादशी व्रत करने से जातक पर लक्ष्मी नारायण जी की असीम कृपा बरसती है। उनकी कृपा से जीवन में सभी प्रकार के भौतिक सुखों की प्राप्ति होती है। साथ ही सभी प्रकार के दुख और संकट दूर हो जाते हैं। आइए, परिवर्तिनी और इंदिरा एकादशी की सही डेट और शुभ मुहूर्त जानते हैं-
कब मनाई जाती है परिवर्तिनी एकादशी?
हर साल भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि के अगले दिन परिवर्तिनी एकादशी मनाई जाती है। इस शुभ अवसर पर लक्ष्मी नारायण जी की पूजा की जाती है। साथ ही उनके निमित्त एकादशी का व्रत रखा जाता है। इस व्रत को करने से साधक के सुख और सौभाग्य में वृद्धि होती है।
परिवर्तिनी एकादशी (Parivartini Ekadashi 2025)
वैदिक पंचांग के अनुसार, 03 सितंबर को देर रात 03 बजकर 53 मिनट पर भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि शुरू होगी। वहीं, 04 सितंबर को सुबह 04 बजकर 21 मिनट पर समाप्त होगी। इस प्रकार 03 सितंबर को परिवर्तिनी एकादशी मनाई जाएगी।
कब मनाई जाती है इंदिरा एकादशी?
इंदिरा एकादशी हर साल आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को मनाई जाती है। पितृ पक्ष के दौरान इंदिरा एकादशी मनाई जाती है। इस दौरान पितरों का तर्पण और पिंडदान किया जाता है। धार्मिक मत है कि पितरों का तर्पण और पिंडदान करने से पूर्वजों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। वहीं, व्यक्ति विशेष पर पितरों की कृपा बरसती है।
इंदिरा एकादशी (Indira Ekadashi 2025)
वैदिक पंचांग के अनुसार, आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 17 सितंबर को देर रात 12 बजकर 21 मिनट पर शुरू होगी। वहीं, 17 सितंबर को देर रात 11 बजकर 39 मिनट पर एकादशी तिथि का समापन होगा। सनातन धर्म में सूर्योदय से तिथि की गणना होती है। इसके लिए इंदिरा एकादशी 17 सितंबर के दिन मनाई जाएगी।
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