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धन-धान्य से भर जाएगा घर! परम एकादशी पर ऐसे करें शालिग्राम जी का अभिषेक, यहां पढ़ें पूरी विधि

Published: Tue, 09 Jun 2026 08:00 PM (IST)

11 जून को परम एकादशी व्रत है, जिस दिन भगवान शालिग्राम का अभिषेक करने से जीवन में सुख-शांति और भगवान विष्णु की कृपा मिलती है।

कैसे करें भगवान शालिग्राम का पंचामृत? (Image Source: AI-Generated)

कैसे करें भगवान शालिग्राम का पंचामृत? (Image Source: AI-Generated)  

HighLights

  1. परम एकादशी पर शालिग्राम जी का अभिषेक करें।

  2. पंचामृत और तुलसी दल से करें पूजन।

  3. सुख-शांति और धन-धान्य की प्राप्ति होगी।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वैदिक पंचांग के अनुसार, 11 जून को परम एकादशी व्रत किया जाएगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस व्रत को विधिपूर्वक करने से साधक को जीवन में सभी सुख मिलते हैं और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है। इस दिन भगवान शालिग्राम का अभिषेक करने का विधान है।

ऐसा माना जाता है कि भगवान शालिग्राम की साधना करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है और जीवन में सुख-शांति बनी रहती है। अगर आप भी परम एकादशी के दिन भगवान शालिग्राम का अभिषेक करना चाहते हैं, तो ऐसे में आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं भगवान शालिग्राम के अभिषेक की सरल विधि।

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अभिषेक के लिए आवश्यक सामग्री

गाय का कच्चा दूध, शहद, शक्कर, शुद्ध घी, दही, गंगाजल, शुद्ध जल, गोपी चंदन, तुलसी दल, फूलमाला, घी का दीपक, अभिषेक के लिए तांबे या पीतल की थाली, फल और मिठाई।

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शालिग्राम जी के पंचामृत अभिषेक की विधि

  • एकाशी के दिन सुबह जल्दी उठें और स्नान करने के बाद सूर्य देव को अर्घ्य दें।
  • सच्चे मन से एकादशी व्रत और भगवान विष्णु की पूजा का संकल्प लें।
  • मंदिर की सफाई करें और गंगाजल का छिड़काव कर शुद्ध करें।
  • इसके बाद एक बर्तन में दूध, दही, घी, शहद और शक्कर मिला लें।
  • पंचामृत में तुलसी के पत्ते जरूर शामिल करें।
  • एक थाली में भगवान शालिग्राम को विराजमान करें।
  • सबसे पहले शुद्ध जल अर्पित करें।
  • इस दौरान 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जप करें।
  • अब पंचामृत से भगवान शालिग्राम का अभिषेक करें।
  • साफ जल से स्नान कराएं।
  • उन्हें पीले वस्त्र अर्पित करें।
  • गोपी चंदन का तिलक लगाएं और फूलमाला अर्पित करें।
  • देसी घी का दीपक जलाएं और आरती करें।
  • जीवन में सुख-शांति की प्राप्ति के लिए प्रभु से प्रार्थना करें।
  • फल और मिठाई का भोग लगाएं।
  • आखिरी में लोगों में प्रसाद का वितरण करें और स्वयं भी ग्रहण करें।

इन बातों का रखें ध्यान

  • शालिग्राम जी की पूजा में अक्षत को शामिल नहीं करना चाहिए।
  • पूजा में तुलसी के पत्ते जरूर शामिल करें।
  • काले रंग के कपड़े धारण न करें।
  • पूजा के दौरान किसी के बारे में गलत न सोचें और किसी से वाद-विवाद न करें।

कब से शुरू होगी एकादशी तिथि?

वैदिक पंचांग के अनुसार, एकादशी तिथि की शुरुआत 11 जून को रात 12 बजकर 57 मिनट पर होगी। वहीं, इसका समापन 11 जून को रात 10 बजकर 36 मिनट पर होगा।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।