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पद्मिनी एकादशी पर बन रहा सर्वार्थ सिद्धि योग, इस मुहूर्त में पूजा करने से हर अधूरी मनोकामना होगी पूरी!

Published: Tue, 26 May 2026 12:52 PM (IST)

27 मई 2026 को पद्मिनी एकादशी मनाई जाएगी, जिस पर सर्वार्थ सिद्धि योग का विशेष संयोग बन रहा है। इस ...और पढ़ें

कब है पद्मिनी एकादशी? (Picture Credit- AI Generated)

कब है पद्मिनी एकादशी? (Picture Credit- AI Generated)  

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वैदिक पंचांग के अनुसार, 27 मई को ज्येष्ठ अधिक माह की पद्मिनी एकादशी (Padmini Ekadashi 2026) मनाई जाएगी। इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करने का विधान है। विधिपूर्वक व्रत भी किया जाता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस व्रत को करने से साधक को सभी पापों से छुटकारा मिलता है। साथ ही जीवन में सुख-शांति बनी रहती है। इस बार पद्मिनी एकादशी पर सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है। यह योग दिन और नक्षत्र के विशेष संयोग से बनता है। इस योग के दौरान पूजा-अर्चना करने का कई गुना अधिक फल प्राप्त होता है। ऐसे में आइए एस्ट्रोपत्री के ज्योतिषी चंद्रेश शर्मा से जानते हैं कि पद्मिनी एकादशी के सर्वार्थ सिद्धि योग और शुभ मुहूर्त का विशेष संयोग के बारे में।

Padmini Ekadashi 2026 (1)

एस्ट्रोपत्री के ज्योतिषी चंद्रेश शर्मा के अनुसार, जब पवित्र पुरुषोत्तम मास (अधिक मास) और सर्वार्थ सिद्धि योग एक साथ बनते हैं, तो वह क्षण केवल व्रत रखने का नहीं होता। यह समय संकल्प से सिद्धि यानी मन की बड़ी इच्छाओं और कामनाओं की पूर्णता की ओर बढ़ने का होता है।
पद्मिनी एकादशी का शुभ मुहूर्त जीवन के अंधकार को मिटाने का एक दिव्य और पवित्र अवसर लेकर आता है। शास्त्रों के अनुसार इस विशेष संयोग और शुभ समय में की गई प्रार्थना सीधे ईश्वर तक पहुंचने का सबसे सरल मार्ग प्रशस्त करती है। इस दुर्लभ योग में नियमबद्ध होकर की गई पूजा-अर्चना भक्तों के जीवन में सुख, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति लेकर आती है।

पद्मिनी एकादशी 2026 डेट और टाइम

वैदिक पंचांग के अनुसार, पद्मिनी एकादशी व्रत 27 मई (Padmini Ekadashi 2026 Kab Hai) को किया जाएगा।
पद्मिनी एकादशी तिथि की शुरुआत- 26 मई को सुबह 05 बजकर 10 मिनट पर
पद्मिनी एकादशी तिथि का समापन- 27 मई को सुबह 06 बजकर 21 मिनट पर
व्रत पारण का समय- सुबह 05 बजकर 25 मिनट से 07 बजकर 56 मिनट तक है। इस दौरान किसी भी समय व्रत का पारण किया जा सकता है।

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त- 04 बजकर 03 मिनट से 04 बजकर 43 मिनट तक
अभिजीत मुहूर्त- कोई नहीं
विजय मुहूर्त- दोपहर 02 बजकर 36 मिनट से 02 बजकर 31 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त- शाम 07 बजकर 10 मिनट से 07 बजकर 31 मिनट तक
सर्वार्थ सिद्धि योग- सुबह 05 बजकर 25 मिनट से 05 बजकर 56 मिनट तक

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्नमाध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।