घर में शादी यानी ढेर सारे काम। वर-वधू के माता-पिता हमेशा यही सोच कर चिंतित रहते हैं कि शादी की तैयारी में कहीं कोई कमी न रह जाए। ऐसी परेशानियों से बचने के लिए यह बहुत जरूरी है कि शादी की तैयारी योजनाबद्ध ढंग से की जाए। आपके इसी काम को थोडा और आसान बनाने के लिए यहां सखी दे रही है कुछ उपयोगी सुझाव।

किसी भी परिवार में बेटे या बेटी के विवाह का आयोजन सबसे यादगार और ख्ाुशनुमा अवसर होता है। कई बार बहुत ज्य़ादा पैसे ख्ार्च करने और शादी के इंतजाम में कई लोगों की मदद लेने के बावज्ाूद समारोह में कोई न कोई गडबडी हो ही जाती है। ऐसी परेशानियों से बचने के लिए आप छह महीने पहले से ही तैयारियां शुरू कर दें, ताकि आपका पूरा परिवार तनावमुक्त होकर शादी की ख्ाुशियों का लुत्फ उठा सके।

छह माह पहले

- सबसे पहले परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर शादी सहित उससे पहले होने वाली रस्मों तिलक, हल्दी, मेहंदी और संगीत की तारीख्ा तय करें।

- मेहमानों की सूची बनाएं। कार्ड भेजने से पहले उन्हें फोन द्वारा विवाह तय होने की सूचना दें।

- बजट तैयार करें। बेहतर यही होगा कि बजट की अलग फाइल बना ली जाए और ख्ार्च का सारा हिसाब उसमें दर्ज करते रहें। इससे आपके लिए यह जानना आसान हो जाएगा कि अब तक कितना ख्ार्च हो चुका है। आप चाहें तो आपका पीसी या मोबाइल भी इस काम में बहुत मददगार साबित होगा।

- शादी के लिए वेन्यू की बुकिंग कराएं।

- अगर आपके घर में बडा लॉन है तो वहां भी शादी की सारी रस्में पूरी की जा सकती हैं, पर इसके प्रबंध के पहले से ही टेंट हाउस वाले से बात कर लें।

- विवाह की रस्मों के लिए पंडित जी से बात कर लें।

पांच महीने पहले

- डेकोरेटर से बात करके यह सुनिश्चित कर लें कि विवाह स्थल की सजावट कैसी होगी।

- शादी से पहले आपके घर पर आने वाले करीबी रिश्तेदारों के ठहरने और खाने की व्यवस्था कर लें।

- मेहंदी, हल्दी और संगीत की रस्मों के दिन सर्व की जाने वाली डिशेज को चखने के बाद उनमें आवश्यक संशोधन करके इन तीनों दिनों के लिए मेन्यू तय करें।

- फ्लोरिस्ट से बात करके उसे विवाह स्थल दिखाएं, ताकि वह सजावट की प्लैनिंग कर सके।

- फोटोग्राफर, विडियोग्राफर, बैंड और डीजे की बुकिंग करा लें।

- वर-वधू के आउटफिट्स की सूची बनाएं।

- शादी की शॉपिंग शुरू कर दें।

चार महीने पहले

- निमंत्रण पत्र के लिए डिजाइन का चुनाव करके उन्हें प्रिंटिंग के लिए भेज दें।

- वर या वधू के आउटफिट्स से संबंधित शॉपिंग करके उन्हें सिलने के लिए भेज दें।

- वर या वधू के माता-पिता के लिए उपहार ख्ारीद लें।

- घर की मरम्मत और रंग-रोगन करवा लें।

तीन महीने पहले

- निमंत्रण पत्र पर मेहमानों के नाम लिखना शुरू कर दें।

- औपचारिक निमंत्रण पत्र भेजने से पहले विवाह से जुडे सभी कार्यक्रमों की सूची बना कर लोगों को भेज दें, ताकि वे आने की तैयारी कर सकें।

- दूसरे शहरों से आने वाले मेहमानों के ठहरने की व्यवस्था करवा दें।

- दूर रहने वाले रिश्तेदारों को निमंत्रण पत्र भेजना शुरू कर दें।

- घर पर ठहरने वाले मेहमानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ग्रॉसरी स्टोर से मंगाए जाने वाले सामान की मात्रा बढा दें।

दो महीने पहले

- आसपास रहने वाले लोगों को अपने परिवार की परंपरा के अनुसार मिठाइयों या उपहार के साथ निमंत्रण पत्र भेजना शुरू करें।

- सभी प्रमुख आयोजनों के लिए पानी, जेनरेटर, सुरक्षा एवं प्रकाश व्यवस्था जैसी तमाम सुविधाओं का प्रबंध कर लें।

- दूसरे शहरों से आने वाले लोगों को स्टेशन या एयरपोर्ट से घर तक लाने की भी व्यवस्था करवा लें।

- विवाह से पूर्व होने वाली सभी रस्मों के बारे में यह तय कर लें कि अलग-अलग रस्मों में सभी रिश्तेदारों की क्या भूमिका होगी।

- अगर कॉकटेल पार्टी या संगीत वाले दिन कोई थीम रखना चाहती हैं तो उसकी तैयारी पहले से ही कर लें।

- मेहंदी वाली की बुकिंग करा लें।

- विवाह से जुडी जरूरी सामग्री के लिए पंडित जी से लिस्ट बनवा लें और पहले से ख्ारीदने योग्य चीजों की शॉपिंग कर लें।

एक महीने पहले

- सारी शॉपिंग लिस्ट और रसीदें संभालकर एक फाइल में रख लें।

- जरूरी कार्यों के लिए टैक्सी या गाडिय़ों की व्यवस्था करवा दें।

- अगर जरूरत हो तो अतिरिक्त मेज-कुर्सियों, गद्दे, चादर, तकिये आदि की भी व्यवस्था करवा लें।

- क्रॉकरी सहित सभी जरूरी बर्तन किराये पर मंगवा लें।

- पर्याप्त कुकिंग गैस सिलेंडर का भी प्रबंध करें।

- घर के अतिरिक्त कार्यों के लिए हेल्पर्स की व्यवस्था करें।

- मेहमानों की सूची दोबारा चेक करें। यदि कोई छूट गया हो तो उसे फोन या इंटरनेट के जरिये निमंत्रण पत्र की सॉफ्ट कॉपी भेजें।

- आमंत्रित लोगों के लिए गिफ्ट ख्ारीदकर उसकी पैकिंग करवा लें।

- परिवार के सदस्यों के साथ विचार-विमर्श करके सभी करीबी लोगों के बीच विवाह समारोह जुडी जिम्मेदारियां बांटें।

- किसी जिम्मेदार व्यक्ति को विवाह में प्राप्त होने वाले उपहार संभालने का कार्य सौंपें।

- मिठाइयों और ड्राई फ्रूट्स के ऑर्डर दे दें।

- अंत में, विवाह स्थल, कैटरर, डेकोरेटर, डीजे, मेहंदी वाली, फ्लोरिस्ट, फोटोग्राफर और मेहमानों के ठहरने की व्यवस्था को फिर से जांच लें। स्न

सखी फीचर्स

(वेडिंग प्लैनर स्वाति चिडिमार से बातचीत पर आधारित)

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