कॉलेज रॉक बैंड में लीड सिंगर, इंटर कॉलेज थिएटर फेस्टिवल विनर 22 वर्षीय रोहन ने अपनी इन उपलब्धियों को अपने रेज्य़ूूमे में ब्ल्यू ग्लिटर पेन से लिखा था। उसे लग रहा था कि इससे एंप्लॉयर प्रभावित हो जाएगा और उसे तुरंत जॉब मिल जाएगी। उसने यह नहीं सोचा कि डेटा एंट्री के जॉब में भला इन उपलब्धियों की क्या उपयोगिता है। पहली बार रेज्य़ूमे बनाने वाले युवा अकसर इस तरह की ग्ालतियां कर देते हैं जिससे उनका करियर प्रभावित होता है। अनुभव न होने के बावज्ाूद प्रभावी रेज्य़ूमे बनाना एक कला है। आइए जानते हैं इससे संबंधित ज्ारूरी जानकारियों के बारे में।

1. रेज्य़ूमे के सैंपल्स देखने के बाद ही इसे बनाएं। इससे आपको आइडिया हो जाएगा कि यह कैसा दिखना चाहिए और इसमें किस तरह की जानकारियां होनी चाहिए।

2. माइक्रोसॉफ्ट जैसे किसी वर्ड प्रोसेसिंग कार्यक्रम की मदद से रेज्य़ूमे बनाएं। टाइम्स न्यू रोमन और एरियल जैसे प्रोफशनल फॉन्ट्स इस्तेमाल करें। किसी फ्लैशी फॉन्ट के इस्तेमाल से बचें। पर्याप्त व्हाइट स्पेस रखें ताकि रेज्य़ूमे साफ-सुथरा नज्ार आए।

3. इसे बनाने के लिए सफेद ए-फोर शीट का प्रयोग करें। चमकदार या परफ्यूम्ड पेपर का इस्तेमाल करने वाले उम्मीदवारों को एंप्लॉयर अपरिपक्व समझते हैं ।

4. किसी जानकार व्यक्ति से इसकी प्रूफ रीडिंग ज्ारूर कराएं। ग्ालतियां होने से एंप्लॉयर के सामने छवि बिगड सकती है।

5. कम से कम दो फोन नंबर और एक ईमेल आइडी ज्ारूर दर्ज करें। ईमेल आइडी फॉर्मल लगनी चाहिए। टीनएजर्स अकसर अपनी आइडी में 'क्यूट गर्ल या 'कूल डूड जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं लेकिन रेज्य़ूमे में इस तरह के शब्दों वाली आइडी का ज्िाक्र नहीं करना चाहिए। इसकी जगह फॉर्मल शब्दों वाली आइडी दर्ज करें।

6. अगर आपका कोई कार्य अनुभव नहीं है तो वॉलंट्री एक्टिविटीज्ा, कम्यूनिटी एक्टिविटीज्ा का ज्िाक्र करें। अगर आपको स्कूल में कुछ अवॉड्र्स मिले हैं और आपकी कुछ शैक्षिक उपलब्धियां हैं तो उनके बारे में भी लिखें। आपकी जो उपलब्धियां कंपनी के लिए महत्वपूर्ण न हों, उन्हें हाइलाइट न करें।

7. किसी कंपनी में जॉब के लिए आवेदन करने जा रहे हैं तो उसके बारे में पहले विस्तृत रिसर्च करें। कंपनी को जिन योग्यताओं वाले उम्मीदवार की ज्ारूरत है, उससे संबंधित योग्यताओं को हाइलाइट करें।

8. अपने गुणों का लंबा-चौडा बखान करने से बचें। फ्रेशर का रेज्य़ूमे एक पेज से अधिक बडा नहीं होना चाहिए।

9. अनुभव के बारे में लिखते समय पेड, अनपेड और वॉलंटियर वर्क एक्सपीरियंस का ज्िाक्र करें।

10. अपनी शैक्षिक योग्यताओं को बुलेट फॉरमेट में दर्शाएं।

(आइएमएस की करियर काउंसलर विष्णुप्रिया से बातचीत पर आधारित)

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