नए वर्ष की शुरुआत में पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ से जुडे कई नए संकल्प लिए जाते हैं। कोशिश यही होती है कि उन संकल्पों से हमारा जीवन बेहतर बन सके और करियर में भी हम नई ऊंचाइयों को छू सकें। व्यक्ति नौकरी में नया हो या अनुभवी, उसका विकास हर स्तर पर बहुत जरूरी होता है।

किसी मंजिल तक पहुंच जाना ही मुकाम नहीं होता है। कामयाबी की राह पर लगातार अग्रसर रहना ही प्रोफेशनल लाइफ का दूसरा पहलू है। अपने गोल्स को पूरा कर लेने मात्र से कोई परफेक्ट नहीं बन सकता है। अपनी प्रोफेशनल ग्रोथ के लिए जरूरी है कि हम नए गोल्स बनाते रहें और पूरी लगन के साथ उन्हें पूरा भी करते रहें। पर्सनल ग्रूमिंग के साथ ही प्रोफेशनल ग्रूमिंग भी बेहद आवश्यक है। आजमाएं ये टिप्स और कहलाएं वेल-ग्रूम्ड प्रोफेशनल -

रखें ख्ाुद पर विश्वास

लाइफ पर्सनल हो या प्रोफेशनल, ख्ाुद पर भरोसा रखना बहुत जरूरी होता है। किसी भी काम को ख्ाुद पर तभी लें जब आप उसे कर पाने में सक्षम हों। काम हो जाने के बाद जब आपको प्रोत्साहन मिलेगा तो आत्मविश्वास अपने आप ही बढता जाएगा। काम की शुरुआत करने में टालमटोल भी नहीं करना चाहिए। जिसके काबिल आप हों, उसे करने में तुरंत जुट जाना चाहिए।

बनाएं स्थिर गोल्स

आगे बढऩे के लिए हमेशा वास्तविक लक्ष्य बनाएं, जिन्हें समय रहते पूरा भी किया जा सके। बहुत बडे गोल्स बनाना जरूरी नहीं है, छोटे लक्ष्य से शुरुआत करें। जब आप कोई कार्य बेहद आसानी से कर लेते हैं तो आप पर दबाव कम हो जाता है। उसके बाद आप मुश्किल कार्य भी बेहद आसानी से कर पाने के काबिल हो जाते हैं। लक्ष्यों के प्रति अडिग रहें। कोई मुश्किल आ जाने पर पीछे न हटें। अपनी तरफ से बेस्ट देने की कोशिश हमेशा करें। कभी-कभी प्रयास भी सराहना दिलवा देते हैं।

दोस्ती भी है जरूरी

प्रोफेशनल फ्रेंड सर्कल होने से कार्य के प्रति आपकी लगन बढती है। जब आप अपने कार्यक्षेत्र में लोगों के संपर्क में रहते हैं तो आपका विकास बेहतर ढंग से हो पाता है। व्हॉट्सएप और फेसबुक जैसे सोशल मीडियम्स के जरिये सबसे आसानी से जुडा जा सकता है। किसी से निजी मनमुटाव होने के बावजूद अपने प्रोफेशनल रिश्तों पर उसकी आंच न आने दें।

व्यवहार का रखें ख्ायाल

आपकी प्रोफेशनल छवि आपके संपूर्ण व्यक्तित्व से झलकती और निखरती है। अपना ड्रेसिंग सेंस शालीन रखें। आरामदायक कपडे पहनने से आप सहज महसूस करेंगे। व्यवहारकुशल बनें ताकि सबके साथ आपके संबंध मधुर रहें। ऑफिस में काम करते वक्त वहां के माहौल का भी ख्ायाल रखें। ईमानदारी से अपना काम करें व बेकार की गॉसिप्स में समय बर्बाद करने से बचें। अपनी डेस्क जरूर व्यवस्थित रखें।

तनाव से रहें दूर

छोटी-छोटी बातों की टेंशन लेने की आदत न डालें। अपनी निजी व व्यावसायिक जिंदगी को अलग-अलग रखें। ध्यान, योग व आत्मचिंतन के लिए समय निकालें। तनाव होने पर संगीत सुनें, प्रेरक लेख पढें, मोटिवेशनल सेमिनार्स का हिस्सा बनें और अपनी हॉबीज को भी भरपूर समय दें। अपनी पसंद का काम करेंगे तो मन प्रसन्न रहेगा। प्रकृति से जुडें, अच्छे कार्य हमेशा सकारात्मक शक्ति प्रदान करते हैं। अपने परिवार के साथ भी समय व्यतीत करें।

आत्मनिर्भरता है जरूरी

आप चाहे ट्रेनिंग पीरियड में हों या किसी ऊंचे पद पर, हमेशा नया सीखने और अभ्यास करने की आदत डालें। इससे आपको किसी काम के लिए दूसरों की राह नहीं ताकनी पडेगी। आप ख्ाुद ही अपना हर कार्य करने में सक्षम रहेंगे। नई टेक्नोलॉजी से भी बिलकुल अपडेट रहें। कोई गलती होने पर हार मानने के बजाय उससें से सीखते हुए आगे बढें। अपनी सफलताओं को याद कर कल्पना करें कि आप कुछ भी कर सकते हैं। अपने काम की जिम्मेदारी लेना भी सीखें।

बनाएं अपनी पहचान

जहां भी काम करें, मन लगा कर करें।

बार-बार नौकरी न बदलें। अकारण छुट्टियां लेने से भी बचें। सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर अपनी कंपनी या सहकर्मियों के ख्िालाफ कुछ न लिखें। अपना मूल्यांकन भी करते रहें। जब तक आप ख्ाुद ही अपने काम से संतुष्ट नहीं हो पाएंगे, दूसरों को भी नहीं कर पाएंगे। निरर्थक बहस या झगडों में अपनी भागीदारी दर्ज न करवाएं। दूसरों की मदद करने से कभी भी पीछे न हटें।

इन सब बातों का ध्यान रख कर आप अपना व्यक्तित्व ख्ाुद ही गढ सकते हैं। साथ ही करियर में आप सफलता की सीढिय़ां भी चढते जाएंगे। कभी भी एक जगह पहुंच कर ठहर न जाएं, आगे बढते रहने से ही आपकी सही ग्रोथ मुमकिन होगी।

दीपाली पोरवाल