इंटरनेट हर आम व खास व्यक्ति की जरूरत बन चुका है। खासतौर पर नोटबंदी के बाद जब भारत में कैशलेस इकोनॉमी पर जोर दिया जाने लगा है, ऑनलाइन ट्रांजैक्शंस और ई-वॉलेट्स पर लोगों की निर्भरता कुछ ज्यादा ही बढ गई है। तसवीर का दूसरा पहलू यह है कि इनकी सुरक्षा को लेकर लोग आश्वस्त नहीं हैं। एक्सपट्र्स ने भी चेताया है कि फ्रॉड्स अभी और बढेंगे। ऐसे में गाढी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखने के उपाय स्वयं भी करने होंगे। आसान और जरूरी कदम इंटरनेट या ई-वॉलेट्स से यूटिलिटी बिल्स का भुगतान और खरीदारी का काम आसान हो गया है लेकिन ऑनलाइन पेमेंट्स में जोखिम भी हैं। असुरक्षित वेब पेजेस के जरिये भुगतान से पैसे में सेंध लग सकती है। इसके अलावा कई बार फेक वेबसाइट्स से आने वाले ई मेल्स कार्ड डिटेल्स मांगते हैं, जिनके झांसे में लोग अकसर आ भी जाते हैं। सेफ पेमेंट मोड ऑनलाइन पेमेंट में कुछ सावधानियां बरतें- 1. क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करना सुरक्षित माध्यम है, जिसमें फ्रॉड के चांसेस बेहद कम होते हैं। 2. डिटेल्स और पेमेंट कन्फर्म करने से पहले डबल चेक करें ताकि कोई संदेह न रहे। . ऑनलाइन पेमेंट करने से पहले सुनिश्चित करें कि आपका लिंक सेफ है। जब आप लॉग इन करने पर ब्राउजर विंडो फ्रेम में एक पेडलॉक सिंबल नजर आना चाहिए। 4. वेब अड्रेस द्धह्लह्लश्चह्य से शुरू होना चाहिए। 5. किसी व्यक्ति को मनी ट्रांस्फर करते हुए सिक्योर पेमेंट साइट्स का ही इस्तेमाल करें। वेबसाइट की प्राइवेसी पॉलिसी चेक करें। 6. किसी भी भुगतान की रसीद जरूर सेव करें। 7. अपने बैंक स्टेटमेंट्स को नियमित चेक करें। 8. ऑनलाइन जाने से पहले एंटी वायरस अपडेट जरूर करें। कैसे करें सुरक्षित ई-वॉलेट्स ई-वॉलेट्स भी फिजिकल बैंक अकाउंट्स और ऑनलाइन ट्रांजैक्शंस की ही तरह सुरक्षित हैं। हालांकि एक बडी समस्या यह है कि पढे-लिखे जागरूक उपभोक्ता भी कई बार झांसों या फर्जी फोन कॉल्स के चंगुल में फंस जाते हैं। 30 फीसदी भारतीय मानते हैं कि उन्होंने अपने पासवड्र्स लोगों से शेयर किए हैं। फिशिंग साइट्स भी ऑनलाइन ट्रांजैक्शंस को असुरक्षित बना रही हैं। ऐसे में कैसे रहें सुरक्षित- 1. अपने डिवाइस के डेवलपर मोड को ऐक्टिवेट न करें। इंस्टॉल एप्लीकेशंस फ्रॉम थर्ड पार्टी सोर्सेज विकल्प को भी एक्टिवेट न करें। 2. नया ऐप डाउनलोड करने से पहले यह पढ लें कि वे क्या-क्या राइट्स ले रहे हैं। 3. ऑफिशियल चैनल्स से ही ऐप्लीकेशंस डाउनलोड करें। 4. प्रोटेक्शन सॉफ्टवेयर इस्तेमाल करें। द्य