हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि दुर्घटना कहीं और कभी भी हो सकती है। खास तौर पर हमारे घर में भी कई ऐसी चीजें मौजूद होती हैं, जो एक्सीडेंट का सबब बन सकती हैं। आइए जानते हैं कि किन गलतियों की वजह से घर में दुर्घटना हो सकती है और उनसे कैसे बचाव किया जाए । वायरिंग और सर्किट : अकसर लोग अपने नए मकान या फ्लैट की वायरिंग करवाते वक्त थोडे पैसे बचाने के लिए सस्ते वायर का इस्तेमाल करते हैं। इसके अलावा एक बार वायरिंग करवाने के बाद लोग उसे वर्षों तक अपग्रेड नहीं कराते, जबकि समय के साथ घर में इलेक्ट्रिक गैजेट्स की संख्या बढती जाती है। ऐसे में पुराना वायर ज्य़ादा लोड सहन नहीं कर पाता और इस वजह से कई बार शॉर्ट सर्किट हो जाता है, जो आग लगने का सबसे बडा कारण है। क्या करें : हमेशा आइएसआइ मार्क वाले वायर ही खरीदें। इलेक्ट्रिशियन ने जितने एमएम का वायर खरीदने की सलाह दी है, उसमें कोई फेरबदल न करें। घर के लिए पीवीसी वायर उपयुक्त होता है, जो कि एक लेयर का होता है और आसानी से गरम नहीं होता। मीटर और सर्किट के बीच 10 एमएम का वायर, घर के बाकी हिस्सों में पावर प्लग के लिए 4 एमएम और अन्य कार्यों लिए 2.5 एमएम का वायर पर्याप्त होता है। हर 5 साल में एक बार इलेक्ट्रिशियन को बुलाकर वायर चेक करवा लेना चाहिए। साथ ही घर के मेन सर्किट बोर्ड पर पूरा लोड डालने के बजाय दो बोर्ड बनाकर लोड को बांट दें। लकडी के बजाय मेटल का मीटर बॉक्स लगवाएं। इनमें आग लगने का खतरा कम होता है और ये टिकाऊ भी होते हैं। एयरकंडिशनर : यदि एसी की सही देखभाल न की जाए तो यह सुरक्षा की दृष्टि से खतरनाक साबित हो सकता है। एसी आमतौर पर 15 एंपीयर तक का करंट झेल सकता है। अच्छी मेंटेनेंस वाला एसी 12 एंपियर का करंट लेता है। साल में एक बार इसकी सर्विसिंग जरूरी है। ऐसा न करने पर एसी चलाने से लगभग 18 एंपियर तक करंट खर्च होता है। इससे न केवल वायर पर लोड बढता है बल्कि एसी जल सकता है। शार्ट सर्किट से घर में आग भी लग सकती है। जब न्यूट्रल, फेज और अर्थिंग में तीनों या कोई भी दो वायर आपस में टच हो जाते हैं तो उसी स्थिति में भी शार्ट सर्किट होता है। क्या करें : एसी के लिए हमेशा एमसीबी स्विच लगवाएं। नॉर्मल या पावर स्विच में एसी का प्लग न लगाएं। सीजन शुरू होने से पहले उसकी सर्विसिंग जरूर कराएं। साथ ही उसके ट्रांस्फॉर्मर आदि का प्लग खुलवा कर चेक कराएं कि कहीं कोई तार ढीला तो नहीं है। यह एसी में आग लगने की एक बडी वजह है। एसी के पास परदा न रखें क्योंकि इससे स्पार्क होने पर आग लगने का खतरा हो सकता है। एसी को रिमोट से ऑफ करने के बाद उसकी एमसीबी बंद कर दें। इसे लगातार 12 घंटे से ज्य़ादा न चलने दें। अगर आप इन बातों का ध्यान रखें तो आपका घर दुर्घटनाओं से हमेशा सुरक्षित रहेगा। यह भी न भूलें रोजाना रात को सोने से पहले गैस स्टोव की मेन नॉब को बंद करना न भूलें। साथ ही गैस की पाइप को हर छह महीने के बाद बदल देना चाहिए। अगर प्रेशर कुकर की सीटी या गास्केट में कोई ख्ाराबी हो तो उसे तुरंत दुरुस्त करवा लें। बाथरूम में गैस गीजर कभी न लगाएं। कई बार गैस लीक होने की वजह से वहां मौजूद व्यक्ति का दम घुट सकता है। प्रेस करने के बाद गर्म आयरन को किसी कपडे, परदे या इलेक्ट्रॉनिक प्लग के पास न रखें। अगर घर में छोटे बच्चे हैं तो माचिस, चाकू, डिटर्जेंट और कीटनाशक जैसी चीजें उनकी पहुंच से दूर रखें। विनीता (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजास्टर मैनेजमेंट, दिल्ली के प्रो. चंदन घोष से बातचीत पर आधारित)