रिश्ता कोई भी हो, उसे परिपक्व सोच के साथ ही निभाया जा सकता है। दांपत्य जीवन की डिक्शनरी में सम्मान, भरोसा, समर्पण, समझौता और समझदारी जैसे शब्द बहुत महत्वपूर्ण हैं। क्यों जरूरी हैं ये, यह जानने के लिए सखी के इस सेल्फ-टेस्ट में हिस्सा लें। सवालों का जवाब दें और परखें कि रिश्तों के आईने में कैसी है आपकी सूरत। तो किसी को जानने के लिए एक पल ही काफी होता है मगर कई बार इसमें एक उम्र भी निकल जाती है। दांपत्य जीवन में अकसर कुछ शब्दों का प्रयोग होता है जैसे- भरोसा, समझदारी, सम्मान, समर्पण, एडजस्टमेंट, समझौता और त्याग...। हाल के कुछ वर्षों में दोस्ती, आजादी और पर्सनल स्पेस की बातें भी होने लगी हैं...। सॉफ्ट स्किल्स प्रोफेशनल जीवन में ही नहीं, रिश्तों में भी बहुत काम आती हैं। कई बार आश्चर्य होता है, जब किसी ऐसे दंपती को अलगाव से गुजरते देखते हैं, जिन्हें अपने दायरे में काफी परिपक्व व समझदार माना जाता हो। इसके पीछे कहीं न कहीं इन स्किल्स की कमी होना है। चलिए, एक मजेदार गेम खेलें। यह एक रिलेशनशिप सेल्फ-टेस्ट है। ईमानदारी से सवालों का जवाब दें और उस आधार पर स्वयं को अंक दें। पार्टनर से कह सकते हैं कि वह भी आपकी रेटिंग करे। यह इसलिए क्योंकि इससे आप पार्टनर की नजर से भी खुद को परख सकेंगे। अंत में अपने और पार्टनर द्वारा दिए गए अंकों का औसत निकालें। वही आपके रिश्तों का सही रिपोर्ट कार्ड होगा। ध्यान दें : यहां दिए गए सवालों के जवाब में ए, बी, सी या डी जैसे विकल्प नहीं दिए जा रहे हैं क्योंकि सखी का मानना है कि मानवीय संबंधों में परफेक्ट जैसा कुछ नहीं होता। आप एक राउंड फिगर (जैसे 10) ले और सवालों के जवाब में खुद को 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9 जैसे अंक दें। नतीजों से खुश, दुखी या निराश होने की आवश्यकता नहीं है। यह सिर्फ एक तरीका है अपनी रिलेशनशिप स्किल्स को सुधारने का। सवालों का जवाब दें तो चलें, सवालों के जवाब दें और रिश्तों के आईने में अपनी साफ तसवीर देखें। 1. तुम्हारी सोच क्या है पार्टनर? पार्टनर के दृष्टिकोण से स्थितियों को समझ पाने में कितने सक्षम हैं? उसके नजरिये को जानने-समझने की कितनी कोशिशें कीं और इसे कितना महत्व देते हैं? 2. पसंद-नापसंद कितनी है पता पार्टनर की रुचि और पसंद-नापसंद क्या है? किस चीज से उसे खुशी मिलती है और किस बात से वह दुखी होता है? क्या उसे उत्साहित करता है, क्या हतोत्साहित? 3. झगडें मगर प्यार से नोक-झोंक न हो, ऐसा तो हो ही नहीं सकता लेकिन ऐसा होने पर पहले कौन झुकता है? झगडे के बाद सही नतीजे तक आप कितनी बार पहुंचे? कितनी बार आपने दूसरे को सॉरी बोला या अपनी गलती स्वीकारी? 4. सीखो न नैनों की भाषा क्या आपको हर बात खुलकर बतानी पडती है या आप बिन कहे ही समझ जाते हैं कि वह क्या चाहता है? कितनी बार आपने अपने साथी का चेहरा पढा? उसका मूड समझने की कोशिश की और कितनी बार आपके कयास सही साबित हुए? 5. झूमें, गाएं, धूम मचाएं रूटीन के अलावा साथ हंसने, मस्ती करने के कितने पल ढूंढते हैं? एक-दूसरे को खुश रखने की आपने कितनी कोशिशें कीं? क्या कभी किसी एडवेंचरस टूर पर गए या कुछ ऐसा किया, जो बेहद रोमांचक हो? 6. एक से भले दो मुश्किल दौर में कितनी बार पार्टनर का साथ दिया? बिना शिकायत किए कितनी बार उसे जताया कि विपरीत स्थिति में आप उसके साथ हैं और हमेशा रहेंगे? 7. फ्रेंड, फिलॉसोफर, गाइड कितनी बार पति या पत्नी के बजाय दोस्त व मार्गदर्शक बने? दुविधा की स्थिति से उसे निकलने, निर्णय लेने में मदद करने की पहल कितनी बार की? कितनी बार उसे उलझन भरी स्थिति से बाहर निकलने में मदद की? 8. उसे संवारने की खातिर क्या आपने पार्टनर की किसी छिपी प्रतिभा को बाहर निकलने में मदद की? उसे किसी नई हॉबी से जोडा या कुछ नया सीखने में मदद की? कितनी बार उसे अपने दोस्तों या रिश्तेदारों से मिलाया? कितनी बार उसकी फेवरिट पुस्तकों, म्यूजिक, फिल्म या टीवी शो पर बात की? 9. आधा तुम्हारा-आधा हमारा किचन से लेकर लॉन्ड्री तक कितने कामों में होती है शेयरिंग? कितनी बार पार्टनर के ऑफिस से लौटने पर उसे चाय पेश की? कितनी बार उसके हिस्से की जिम्मेदारियों को आपने भी निभाया? 10. मैं हूं ना पार्टनर की गलतियों को कितनी बार माफ किया? कितनी बार उसे यह भरोसा दिलाया कि कुछ भी हो जाए, आप उसका साथ नहीं छोडेंगे? कितनी बार उसे कमजोर या पलायनवादी बनने से रोका? 11. एहसासों की शेयरिंग कितनी बार पार्टनर से इमोशनल शेयरिंग हुई? कब-कब उसे बताया कि आप उसके बारे में क्या सोचते हैं? अपनी भावनाओं और विचारों के बारे में उसे कितनी बार बताया? 12. सपनों का बंटवारा क्या आप जानते हैं कि आपके पार्टनर को जिंदगी से क्या चाहिए? उसका लक्ष्य क्या है? उसकी पसंद-नापसंद, खुशी, डर, असुरक्षा, बेचैनी या चिंताएं क्या हैं? 13. मुस्कराने की वजह तुम हो क्या आप रोज सुबह पार्टनर को प्यार भरी विदाई देते हैं? शाम को गर्मजोशी से उसका स्वागत करते हैं? कितनी बार उसकी तरफ स्नेह भरी नजर से देखते हैं? कितनी बार बेडरूम के बाहर भी प्यार का इजहार किया? कितनी बार उसे प्यार भरा स्पर्श किया? 14. समझौता जिसमें गम न हो पार्टनर की इच्छाओं का सम्मान कर पाते हैं? क्या कभी उसकी गलती होने के बावजूद रिश्तों की खातिर आप झुके? कितनी बार विनम्रतापूर्वक उसकी सलाह ली और कितनी बार उसकी सलाह मानी? 15. भरोसे की मजबूत डोर क्या आप पार्टनर की निजता या एकांत का सम्मान करते हैं? क्या आपने उसकी किसी गोपनीय बात को खुद तक सीमित रखा? उसे असहज स्थितियों से बचाया? क्या कभी उसके रहस्य को सबके सामने उजागर किया? 16. माफ करने की कला कितनी बार पार्टनर के दोषों को माफ किया? उसे गलतियां सुधारने में मदद की और बिना किसी नैगिंग के उसे खुद को सुधारने या संतुलित करने में सहयोग दिया?