प्रसिद्घ बॉलीवुड स्टार संजय दत्त की भतीजी नाजिया फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने के लिए प्रयासरत हैं। वे जिंदगी को खुल कर जीती हैं और खुद से या किसी से भी, बहुत ज्यादा अपेक्षाएं नहीं रखती हैं। पेश है उनसे हुई एक खास बातचीत। अपने प्रोजेक्ट्स के बारे में बताइए। आशिकी 2 के तेलुगू रीमेक से मैंने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी। उसमें मैं मुख्य भूमिका में थी। बॉलीवुड की बात करें तो मैंने 'हंसमुख पिघल गया' नाम की एक फिल्म की थी। कुछ कारणों से उसे रिलीज नहीं किया जा सका था। मैं उम्मीद करती हूं कि वह जल्द ही दर्शकों के सामने आए। फिलहाल 'टॉम, डिक एंड हैरी रिटर्न्स' की शूटिंग में व्यस्त हूं। बॉलीवुड के प्रसिद्घ स्टार से जुडे होने का आपको फायदा मिला या आम लडकियों की तरह स्ट्रगल करना पडा? मुझे संजय जी से जुडे होने का कोई फायदा नहीं मिला। इंडस्ट्री में अपनी पहचान मैं खुद बनाना चाहती हूं। मैं एक आम लडकी की तरह पली-बढी हूं और बेहद सिंपल मिडिल क्लास फैमिली से ताल्लुक रखती हूं। मैं मेंटली बहुत स्ट्रॉन्ग हूं और बिना फेवर्स के ही आगे बढते रहना चाहती हूं। इसके लिए मैं खूब मेहनत भी करती हूं। ऐक्ट्रेस बनने का ख्याल मन में कब और कैसे आया? मैं अपने माता-पिता की इकलौती संतान हूं। वे दोनों चाहते थे कि मैं ऐक्ट्रेस बनूं। यूं तो करियर चुनने को लेकर मेरे ऊपर कोई दबाव नहीं था, फिर भी किस्मत मुझे यहां ले ही आई। सलीम खान (सलमान खान के पिता) हमारे फैमिली फ्रेंड हैं। एक डिनर के दौरान उन्होंने मुझे इंडस्ट्री में ट्राई करने का सुझाव दिया। उसके बाद मैंने ऐक्टिंग स्कूल जॉइन कर खुद को पॉलिश किया और तब से मेरा स्ट्रगल पीरियड जारी है। ऐक्टिंग के अलावा और किसमें रुचि है? मैं बेहद रचनात्मक हूं और खुद को किसी दायरे में बांधकर नहीं रख सकती। मैं म्यूजिक की दीवानी हूं, सुनती हूं और रिकॉर्ड भी करती हूं। वह मेरे लिए किसी थेरेपी से कम नहीं है। मुझे शॉपिंग करना बेहद पसंद है। मैं 9-5 वाली रेगुलर जॉब के लिए नहीं बनी हूं। इंटर के बाद मैं पार्ट टाइम जॉब करने लगी थी, उससे होने वाली इनकम से शॉपिंग का खर्च आराम से निकल जाता था। किस तरह की फिल्मों में काम करना चाहती हैं? मैं हर तरह की फिल्मों में काम करना चाहती हूं, कॉमेडी, सीरियस, माइल्ड रोमैंटिक...। मूवीज में गाने गाना भी मेरी लिस्ट में शामिल है, बस एक मौके का इंतजार है। अपना स्टाइल आइकॉन किसे मानती हैं? मेरा मानना है कि किसी खास इंसान या फैशन को फॉलो करने के बजाय हमेशा वही पहनना चाहिए जिसमें आप कंफर्टेबल हो। दूसरों का स्टाइल अपनाने से कहीं न कहीं आप अपनी आइडेंटिटी खोने लगते हैं। वैसे मुझे दीपिका पादुकोण का स्टाइल काफी प्रभावित करता है। जिंदगी के प्रति क्या नजरिया रखती हैं? जिंदगी हार्टबीट की तरह होती है, उसमें उतार-चढाव लगे रहते हैं पर वही आपको आगे बढते रहने के लिए प्रेरित भी करते हैं। अकसर समस्याएं तब आती हैं जब हमारी अपेक्षाएं बढऩे लगती हैं। जितना है, उतने में संतोष करने की आदत डालनी चाहिए। इससे जिंदगी में सुकून बना रहता है। दीपाली पोरवाल