वर्किंग विमेनहों या होममेकर्स,वे यहां भी अपनी नई पहचान बनाने के लिए प्रयासरत हैं। अपने शब्दों के जादू से वे रीडर्सको सम्मोहित कर पाने का जज्बा रखती हैं। बात चाहे किसी भी सेक्टर की हो, फूड, लाइफस्टाइल,हेल्थ, फैशन, ब्यूटी या टेक्नोलॉजी... विमेनब्लॉगर्सहर जगह अपना परचम लहरा रही हैं। फूड ब्लॉगर्स में निशा मधुलिकाआज काफी जाना-पहचाना नाम हैं, वर्ष 2007में अपना ब्लॉग शुरू करने के बाद 2011में उन्होंने यू ट्यूब चैनल भी लॉन्चकर दिया था। उनकी देखादेखी कई होममेकर्सने अपनी रुचि के क्षेत्रों पर लिखना शुरू कर दिया। ब्लॉगिंग वल्र्डपर एक नजर।

पर्सनैलिटी का बदलें अंदाज फैशन एक ऐसा विविध क्षेत्र है, जिस पर सबकी नजरें टिकी रहती हैं। सोसाइटी में प्रेजेंटेबलदिखने के लिए हर कोई खुदको अप टुडेट रखना चाहता है। इसके लिए फैशन चैनल्सया एक्सपट्र्सकी मदद लेने के साथ ही अब वे फैशन ब्लॉगर्सको भी ढूंढने लगे हैं। ब्लॉगरपारुलजायसवाल बताती हैं, 'पिछले कुछ वर्षों से यहां कॉम्पिटीशनबहुत बढ गया है। अपने ब्लॉगकी रीचबढा पाना बहुत मुश्किल होता है। आज हर दूसरी ब्लॉगिंगसाइट पर इतने सारे फैशन ब्लॉगर्सहैं कि लोग कंफ्यूजहो जाते हैं। ऐसे में जरूरी होता है कि आपके राइट अप्समें कुछ हटकर हो। मैं अपने ब्लॉगमें ब्रैंडेड फैशन के साथ ही स्ट्रीट मार्केट्सका फैशन भी कवर करती हूं। इसका फायदा यह है कि हर एजऔर वेजग्रुप का युवा मेरे ब्लॉगको फॉलोकरता है। फैशन के साथ ब्यूटीऔर ग्रूमिंगएक्सपट्र्सके ब्लॉग्सको फॉलोकरने से अपने व्यक्तित्व को पूरी तरह से घर बैठे ही बदला जा सकता है।

खजाने का है यह संसार अगर आप पढऩे के बहुत शौकीन हैं पर हर किताब खरीदनहीं सकते तो भी परेशान होने की जरूरत नहीं है। आप चाहें तो विभिन्न बुक रिव्यूअर्सके ब्लॉग्सको फॉलोकर अपना ज्ञान बढा सकते हैं। इनमें किताब, उसके लेखक और कहानी की पूरी जानकारी होती है। समय की कमी के चलते हर फिटनेस फ्रीकजिमनहीं जा पाता है पर फिटनेस ब्लॉग्सको सब्सक्राइबकर फिट रहने में कोई बुराई नहीं है। ब्लॉगरतुष्टि भाटिया ब्लॉगिंगको एक उभरता हुआ क्षेत्र मानती हैं। उनका कहना है कि पढाई या जॉब के साथ ही अपनी रुचि के क्षेत्र पर भी पकड बनाए रखनी चाहिए। जितना भी टाइम बचे, उसका उपयोग पढऩे-लिखने में किया जा सकता है।

डगर नहीं बहुत आसान 'दिल्ली की लडकियां के नाम से विनीअग्रवाल का ब्लॉगहै। दिल्ली में होने वाले इवेंट्सऔर फैशन की पूरी जानकारी यहां अपडेटकी जाती है। छोटे स्तर पर शुरुआत करने के बाद अब तो उनकी एक टीम भी है। पढाई, घर या ऑफिस के साथ लेखन कार्य को समय देना बहुत मुश्किल होता है, खासकरतब जब उसमें रिसर्च भी जरूरी हो। बिना रिसर्च के यूं ही कुछ भी लिख देने से विश्वसनीयता कम हो सकती है। नए ब्लॉगर्सजिस विषय पर भी लिखना चाहते हैं, उसके बारे में जानकारी इकट्ठा करने के साथ ही उन्हें उससे अपडेटहोते रहना चाहिए। ब्लॉगकी रीचबढाने के लिए उसके लिंक को सोशल नेटवर्किंग साइट्सपर शेयर करते रहना चाहिए। फॉलोअर्सबढऩे पर ब्लॉगर्सको विज्ञापन भी मिलने लगते हैं। अपने मन का काम करने की इच्छुक स्त्रियों के लिए ब्लॉगिंगका क्षेत्र संभावनाओं भरा अवसर है, जिसमें कभी किसी तरह के नुकसान होने का कोई सवाल नहीं है।